एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो फर्जी आधार कार्ड व अधिकारियों के नाम से तैयार दो फर्जी आदेशों की छायाप्रति मिली है। कुछ और अधिकारियों के पत्र मिले हैं। उनके कब्जे से दो तमंचे और दो कारतूस जब्त किए हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि गिरोह ने कितने अधिकारियों के नाम का दुरुपयोग किया और अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया गया है।
बदायूं के अफीम तस्कर के परिवार से वसूली का खुला राज
फर्जी लेटरहेड बनाकर वसूली करने वाले गिरोह ने बदायूं जिले के बिनावर थाना क्षेत्र के अफीम तस्कर परमानंद के परिवार से संपर्क किया था। परमानंद भमोरा थाने से तस्करी के मामले में बरेली जेल में बंद है। उस पर पिट एनडीपीएस एक्ट लगा है और साल भर जमानत की गुंजाइश नहीं है।
गिरोह ने परमानंद के परिवार को बताया कि उनकी अधिकारियों के दफ्तरों में सीधी दखल है। वह उसके पिट के आदेश को निरस्त करवा सकते हैं। इससे संपत्ति जब्त होने का खतरा भी टल जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, इन लोगों ने पिट खत्म करने का भरोसा देने के लिए डीएम व एसएसपी के लेटरहेड को हुबहू एआई से तैयार करवा लिया। उस पर मुहर भी वैसी ही लगा ली और मनमाफिक दस्तखत करके परमानंद के परिवार को थमा दिया। इस तरह परिवार से कई बार में करीब साढ़े बारह लाख रुपये ले लिए। इनके पास डीपीओ व कुछ अन्य अधिकारियों के छह लेटरहेड मिले हैं।