बेटे को फल के ठेले पर बैठाकर नहाने घर चला गया था पिता
कारोबारी इलाकों में लॉकडाउन टूटने पर अफसर समझाते हैं, मोहल्लों में सिपाही डंडे चलाते हैं
बरेली। जघन्य अपराधों में भी कमाई का जरिया देखने के लिए बदनाम रही पुलिस का कोरोना ने देश भर में मानवीय चेहरा भी दिखाया लेकिन शनिवार सुबह चीता बाइक के सिपाहियों ने पिता के फल के ठेले पर बैठे 12 साल के एक बच्चे पर वही पुरानी हैवानियत दिखाते हुए उसे पीटकर हाथ तोड़ दिया। भीड़ इकट्ठी हुई तो बच्चे पर दिखाई बहादुरी भूलकर दोनों वहां से भाग निकले। एसएसपी ने घटना की जांच का आदेश दिया है।
कटरा चांद खां में सिंधुनगर कॉलोनी के गेट के सामने ही किराये पर रहने वाले उमेश गुप्ता ने इन दिनों घर के सामने फल का ठेला लगा रखा है। शनिवार सुबह 11 बजे वह नहाने के लिए घर चले गए तो उनका 12 साल का बेटा हर्ष ठेले पर बैठ गया। इसी दौरान चीता बाइक पर आए सिपाही विपिन और आशीष ने ठेलों को खदेड़ने के साथ दुकानें बंद करानी शुरू कर दीं।
इस दौरान सिपाहियों ने हर्ष से भी बदसलूकी की और यह देखे बगैर कि वह बच्चा है, उस पर ताबड़तोड़ डंडे बरसा दिए। सिपाहियों के इस रवैये पर लोग भड़क गए। गुस्साए लोगों की भीड़ इकट्ठी होने लगी तो सिपाहियों की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई और दोनों बाइक लेकर भाग निकले। हर्ष के पिता मोहल्ले के लोगों के साथ उसे लेकर थाने पहुंचे। हर्ष का हाथ सूजा हुआ था और वह बुरी तरह रो रहा था। उमेश ने बताया कि उसके हाथ में फ्रैक्चर हो गया है।
एसएसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि कटरा चांद खां में लॉकडाउन टूटने की शिकायतें आ रही थीं। सिपाही वहां इसीलिए गए थे। पता चला है कि भीड़ को खदेड़ते वक्त गिरने से बच्चे को चोट लगी। फिर भी मामले की जांच एएसपी को दी गई है। सिपाहियों का दोष मिला तो कार्रवाई की जाएगी। हर्ष के मेडिकल परीक्षण में फ्रेक्चर नहीं आया है।
क्योंकि ये चीता शिकारी है.., अफसरों का बस भी नहीं चलता जगतपुर चौकी स्टाफ पर
जगतपुर पुलिस चौकी के प्रभारी के साथ यहां के बाकी स्टाफ पर पहले से सवाल उठते रहे हैं। नीले रंग की निजी जिप्सी से इलाके में घूमने वाले चौकी प्रभारी पर कई बार बेवजह आम लोगों से बदसलूकी के आरोप लग चुके हैं। घटनाओं को नजरअंदाज कर मौके पर न जाने के मामलों में उनकी शिकायतें भी अफसरों तक पहुंची हैं। इसी चौकी की एक चीता मोबाइल के सिपाही राजीव ने पिछले दिनों जगतपुर में दवा लेने गए एक टेलर का घुटना तोड़ दिया था। इस टीम पर वसूली के आरोप भी लगते रहे हैं। कटरा में ही पिछले दिनों सब्जी के ठेले वाले को तीन बार पीटकर उसके तराजू बांट भी ये सिपाही ले जा चुके हैं। पुलिस महकमे में अनुशासन का क्या हाल है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इंस्पेक्टर बारादरी नरेश त्यागी इस चौकी के स्टाफ को कई बार चेतावनी दे चुके हैं लेकिन फिर भी महकमे को सांसत में डालने की घटनाएं जारी हैं। श्यामगंज चौकी के प्रभारी भी हाल ही में मांझा तस्कर को पकड़कर छोड़ने में हाल ही में नपे हैं।
अखिलेश का तंज.. काश बच्चों का दर्द समझने वाले सत्ता में होते
कटरा में बच्चे की पिटाई के मुद्दे पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि इस आपातकाल में बहुत सारे बच्चे अनाथ हो गए हैं और दर-दर भटकने को मजबूर हैं। प्रदेश में भाजपा सरकार ऐसी परिस्थितियों में भी उन बच्चों तक को प्रताड़ित कर रही है जो आत्मनिर्भर बनकर दो वक्त की रोटी कमाने की कोशिश कर रहे हैं। काश बच्चों का दर्द समझने वाले दयावान सत्ता में होते।
ट्रैफिक पुलिस पर राशन के ट्रकों से वसूली का आरोप
बरेली। लॉकडाउन में राशन की सप्लाई वैसे तो अति आवश्यक सेवा में शामिल है लेकिन ट्रैफिक पुलिस पर राशन ले जाने वाले ट्रकों से भी वसूली करने का आरोप रहा है। प्रमांशु गुप्ता नाम के युवक ने चौपुला चौराहे पर तैनात ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों पर वसूली का आरोप लगाते हुए पुलिस को ट्वीट किया है। प्रमांशु के मुताबिक ट्रैफिक पुलिस की हरकत से गेहूं की खरीद प्रभावित हो रही है और ठेकेदार परेशान हैं। बरेली पुलिस ने ट्वीटर पर जवाब दिया है कि जानकारी और कार्रवाई के लिए मामले से एसपी ट्रैफिक को अवगत कराया गया है। ब्यूरो