भमोरा/बरेली। ग्रामीण क्षेत्र में मंगलवार को आंधी में सेंधा गांव में तारों पर पेड़ गिरने की वजह से 125 गांवों की बिजली आपूर्ति फिर से ठप हो गई है। सोमवार तड़के आंधी और तेज बारिश के कारण इन्हीं तारों पर पेड़ गिरने से आपूर्ति बाधित हुई थी। जिसके बाद कई गांवों में तो मंगलवार सुबह तक बिजली आपूर्ति सुचारू हो सकी थी।
आंवला से भमोरा बिजली उपकेंद्र को आने वाली 33 केवी लाइन पर सेंधा गांव में बिजली के तारों पर कई जगह पेड़ गिरने से तार टूट गए। इस घटना के बाद रात करीब 8:30 बजे से भमोरा बिजली घर से जुड़े करीब 125 गांवों की आपूर्ति मंगलवार रात को भी ठप पड़ गई है।
हालांकि टीमें व्यवस्थाएं सुधारने में लगी हैं, लेकिन अधिकारियों की माने तो व्यवस्था बुधवार सुबह तक ही बहाल हो सकेगी।
दरअसल आंवला विद्युत खंड से भमोरा बिजली उपकेंद्र में 18 घंटे बिजली सप्लाई दी जाती है, इसके तार कई गांवों के बीच होते हुए भमोरा तक पहुंच रहे हैं।
सोमवार को भी सेंधा गांव के पास ही पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। इस कारण प्रभावित गांवों की जनता पानी को तक तरस गई थी। पेड़ टूटकर सड़क पर गिरे, यातायात बाधित ः आंवला में मंगलवार देर शाम को आई तेज आंधी व बारिश की वजह से नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई विद्युत पोल और पेड़ टूटकर गिर गए। इस दौरान बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इसमें आंवला-भमोरा और आंवला बदायूं रोड पर बिलौरी, रमनगला, आदि गांव के पास सडक किनारे खड़े दर्जनों पेड़ गिरने से यातायात भी प्रभावित हो गया। घंटों जाम में फंसे गांवों के अंदर से होकर गुजरे।
मौके पर पुलिस, राजस्व व पालिका की टीम ने सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाने का काम देर रात तक जारी रखा। वहीं जेई मनोज कुमार के मुताबिक आंधी व बारिश से नगरिया, पुरैना मंदिर, बजरिया, बिलौरी, रमनगला जगहों पर हाईटेंशन लाइन के पोल टूटकर गिर गए।
आंवला क्षेत्र के करीब 50 गांव विद्युत आपूर्ति पूर्ण रूप से ठप हो गई। बारिश के रुकने के बाद ही इसको ठीक कराया जाएगा। संवाद