बरेली। ट्रांसफार्मरों की ओवरलोडिंग रोकने के अधिकारियों के दावे धराशायी हो गए हैं। गर्मी में 650 एमवीए का लोड था जो अब घटकर 350 रह गया है। इसके बाद भी मंडल के चारों जिलों में 20 दिन के भीतर 655 ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं। एक से 20 नवंबर के बीच बदायूं में सर्वाधिक 357, शाहजहांपुर में 145, बरेली में 111 और पीलीभीत में 42 ट्रांसफार्मर फुंके हैं। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने की कवायद जनवरी 2022 से चल रही है पर अब तक इस पर अमल नहीं हो सका। शनिवार को विकास भवन में हुई बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी यह मुद्दा उठाया था। तब बिजली निगम के अभियंताओं ने जवाब दिया था कि 1400 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और 3,400 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाने का प्रस्ताव मंजूर हो चुका है। टेंडर निकाल दिए गए हैं। काम भी शुरू हो गया है जो मार्च 2024 तक पूरा होगा।
एक अप्रैल से 20 नवंबर तक फुंके ट्रांसफार्मरों का आंकड़ाजिला संख्या
बदायूं 6,020
बरेली 4,147
पीलीभीत 1,599
शाहजहांपुर 3,265
यह हैं कारण
अंदरुनी फाॅल्ट, वोल्टेज में उतार-चढ़ाव, रखरखाव ठीक न होना ट्रांसफार्मर खराब होने का प्रमुख कारण है। बदायूं जिले में ओवरलोडिंग और रखरखाव में कमी होने की वजह से अधिक ट्रांसफार्मर फुंके हैं। बरेली में शहर की स्थिति ठीक है पर ग्रामीण क्षेत्र में 10, 25 और 63 केवीए के ट्रांसफार्मर अधिक खराब हुए हैं। कुछ ट्रांसफार्मर ऐसे हैं तो छह महीने में तीन-चार बार फुंक चुके हैं।
कोट
ग्रामीण क्षेत्र में अधिक ट्रांसफार्मर फुंकने के कारणों की समीक्षा करेंगे। जो ट्रांसफार्मर ओवरलोड हैं, उन्हें बदलने का काम चल रहा है। ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने की संख्या को शून्य की ओर ले जाना है। - अनिल कुमार तिवारी, मुख्य अभियंता, जोन द्वितीय