बरेली के फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र में स्थित एक मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु डॉक्टर गौरव वरपे के अपहरण मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस का जोर सटीक खुलासे पर है। आरोपियों को बेनकाब करने के लिए सभी संदिग्धों की कॉल डिटेल मंगाई है। पुलिस गौरव के साथी दिल्ली निवासी दिविज व उसके दोस्त स्थानीय शातिरों की जानकारी जुटा रही है ताकि सही कहानी सामने आ सके।
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र महाराष्ट्र निवासी गौरव वरपे के अपहरण मामले में पुलिस अब भी खुलासे से दूर है। प्रभारी निरीक्षक अभिषेक कुमार ने बताया कि सारी योजना गौरव के सहपाठी दिल्ली निवासी दिविज की थी। किसी छात्र ने उसे बता दिया था कि गौरव के खाते में एक करोड़ रुपये से ज्यादा हैं। उसे अगवा करने पर परिवार के लोग और भी रुपया दे देंगे। हालांकि सूत्र बताते हैं कि दिविज इसके लिए हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था तो उसने स्थानीय शातिर सोनू का सहारा लिया।
सोनू पर पहले से दर्ज हैं मुकदमे
दरअसल दिविज अक्सर दिल्ली आने व जाने के लिए एक स्थानीय युवक की कैब बुक करता था। उस कैब मालिक से उसकी दोस्ती हो गई थी। कैब मालिक सोनू का भी गहरा दोस्त था। दावतों के खर्चे के लिए भी उन्हें रकम की जरूरत थी जिसके लिए यह प्लान बनाया गया। मास्टरमाइंड दिविज से क्लू मिला है कि वह केवल सोनू को नाम से जानता है। वह कहां रहता है? उसे पता नहीं है। प्रभारी निरीक्षक अभिषेक कुमार के मुताबिक सोनू पर पहले से भी मुकदमे हैं। फिलहाल उसने मोबाइल बंद कर लिया है।