फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मालगाड़ी से भिड़ने से बची फरक्का एक्सप्रेस

विज्ञापन
विज्ञापन
धनेटा का स्टॉप सिग्नल लांघ धड़धड़ाते हुए जंक्शन आ पहुंची
विज्ञापन

बरेली जंक्शन पर ड्राइवर को उतारा, जांच शुरू
बरेली। अभी काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के सिग्नल को अनदेखी कर चलाने की जांच पूरी भी नहीं हुई थी कि फरक्का एक्सप्रेस का ड्राइवर स्टॉप सिग्नल की अनदेखी करते हुए ट्रेन को जंक्शन तक ले आया। धनेटा के स्टेशन मास्टर ने रेलवे कंट्रोल मुरादाबाद को सूचना दी, जिसके बाद जंक्शन पर ड्राइवर को उतारकर उसका मेडिकल कराया गया। हालांकि मेडिकल रिपोर्ट में ड्राइवर के नशे में होने की पुष्टि नहीं हुई। कंट्रोल के आदेश पर बरेली जंक्शन पर ड्राइवर बदल दिया गया, वह ट्रेन को आगे लखनऊ तक ले गया।
नई दिल्ली से मालदा टाउन जाने वाली फरक्का एक्सप्रेस (14004) मुरादाबाद से चलकर सीधे बरेली ही रुकती है। रविवार रात साढ़े नौ बजे फरक्का एक्सप्रेस तेज स्पीड से नगरिया सादात स्टेशन से गुजरी। धनेटा स्टेशन पर डाउन लाइन पर स्टेशन मास्टर ने स्टॉप सिग्नल लगाया हुआ था। बरेली से जाने वाली मालगाड़ी को डाउन होते हुए अप लाइन पर आना था। स्टॉप सिग्नल पर ड्राइवर विजय पाल सिंह को पांच मिनट रोककर ट्रेन को चलाना था, लेकिन वह सिग्नल की अनदेखी करते हुए ट्रेन को जंक्शन तक ले गए। ट्रेन को रन थ्रू जाते देख स्टेशन मास्टर के हाथ पांव फूल गए। उन्होंने तुरंत ही रेलवे कंट्रोल मुरादाबाद को सूचना दी। ट्रेन जंक्शन पर रुकी तो आरपीएफ ने विजय पाल सिंह का मेडिकल कराया। डॉक्टर के मुताबिक उसके नशे में होने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद भी लापरवाही बरतने के आरोप में ड्राइवर को वहीं रोक लिया गया। जंक्शन से दूसरे ड्राइवर राम करन ट्रेन को लेकर लखनऊ तक गए। इस घटना से मुरादाबाद मंडल में हड़कंप मचा हुआ है। मुरादाबाद रेल डिवीजन के एडीआरएम मानसिंह मीणा ने बताया कि जांच शुरू हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के सिग्नल तोड़ने की जांच चार माह बाद भी अधूरी
बरेली। 20 सितंबर को शाम पौने सात बजे काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस सीबी गंज स्टेशन से गुजर रही थी। स्टेशन से पहले स्टार्टर सिग्नल लाल था, लेकिन ड्राइवर एसपी पांडेय अनदेखी करते हुए सिग्नल को ओवरशूट कर गया। लाल सिग्नल पर ट्रेन आगे बढ़ते ही पटरियों का डाटा लॉक हो गया। तब तक इंजन और चार बोगियां आगे बढ़ चुकी थीं। बरेली जंक्शन पर एसपी पांडेय को उतारकर ऋषि कुमार ट्रेन को रोजा तक ले गए। इस मामले में मुरादाबाद रेल डिवीजन के तत्कालीन एडीआरएम अश्विनी कुमार ने जांच शुरू कराई थी, जो चार माह बाद भी पूरी नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें