बरेली। रेल विकास बोर्ड प्राधिकरण (आरएलडीए) चौपुला और इज्जतनगर क्षेत्र में अनुप्रयोगी स्थानों पर आवासीय और कमर्शियल आदि प्रोजेक्ट लाने की कवायद में जुट गया है। कार्ययोजना लागू करने से पहले प्राधिकरण ने नामचीन और अनुभवी आर्किटैक्ट का पंजीकरण करना शुरू कर दिया है। रेलवे अफसरों ने बताया कि यह प्रोजेक्ट बरेली जंक्शन पर बने होटल की तरह ही स्मार्ट सिटी में नई पहचान बनेंगे।
रेल विकास प्राधिकरण यानी आरएलडीए ने पब्लिक पार्टनरशिप प्रोजेक्ट यानी पीपीपी मोड पर खाली और निष्प्रयोज्य रेलवे की जमीनों पर देश भर में कई कॉम्प्लेक्स और दूसरे प्रोजेक्ट बना चुका है। इसके तहत बरेली जंक्शन के बाहर भी हाल ही में एक होटल, रेंस्त्रा, शयनकक्ष और कमर्शियल भवन का निर्माण कराया गया। यह प्रोजेक्ट सफल होने के बाद अब आरएलडीए ने शहर में तीन और प्रमुख स्थान चिह्नित किए हैं। फिलहाल पूर्वोत्तर रेलवे की संपत्ति चौपुला और इज्जतनगर आरएलडीए के अफसरों ने प्रारंभिक सर्वे में लोकेशन के हिसाब से उपयुक्त पाई है। इसके बाद आरएलडीए के अधिकारी इन स्थानों के लिए अपने प्रोजेक्ट तैयार कराने में जुट गए हैं, जबकि श्यामगंज रेलवे माल गोदाम और निष्प्रयोज्य लाइन पर प्रोजेक्ट संबंधी रूपरेखा बाद में तय होगी। इन दिनों र्कई एकड़ जमीन पर जहां फिलहाल कबाड़ के गोदामों और इमारती लकड़ी के बेतरतीब पड़े ढेरों के अलावा कुछ नजर नहीं आता है, लेकिन सब कुछ ठीक रहा तो स्मार्ट सिटी का नजारा बदला दिखेगा।
दरअसल, स्टेशनों को स्मार्ट लुक देने के बाद रेलवे अपनी खाली पड़ी जमीनों पर भी कमर्शियल और रेजिडेंसियल कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी कर रहा है। कुछ माह पहले ही आरएलडीए की चिह्नित जमीनों का जायजा लेने तकनीकी दल बरेली पहुंचा था। दल चौपुला, इज्जतनगर कॉलोनी, श्यामगंज माल गोदाम और उसकी लाइन पर प्रोजेक्ट लाने पर सहमत दिखा, लेकिन उसके सामने एक समस्या थी कि इतनी बड़ी संपत्तियां कौन और कैसे खरीदेगा? क्योंकि ऑनलाइन टेंडर होंगे और प्रस्तावित प्रोजेक्टों पर करोड़ों रुपये का निवेश होगा। यह सब नंबर एक में हो पाएगा। चौपुला और इज्जतनगर स्थित आवासीय कॉलोनी पूर्वोत्तर रेलवे भूमि भी निष्प्रयोज्य घोषित हो गई है। इसलिए प्राधिकरण पहले इन दोनों स्थानों पर ज्यादा तरजीह दे रहा है।
आर्किटैक्ट से मांगे प्रस्ताव
चौपुला और इज्जतनगर आवासीय कॉलोनी परिसर में प्रोजेक्ट लाने के लिए नामचीन और अनुभवी आर्किटैक्ट से प्रस्ताव मांगे गए हैं। पिछले दिनों ऑनलाइन मांगे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि बरेली समेत समेत कुछ चिह्नित स्थानों पर मॉडर्न कॉम्प्लेक्स, आवासीय कॉलोनी आदि प्रोजेक्ट ला रहा है। इसलिए इसका स्वरूप कैसा और क्या रहे, इसका सुझाव और कार्ययोजना प्रस्तावित है। क्योंकि प्रस्तावित प्रोजेक्ट पूरी तरह पीपीपी मॉडल और कामर्शियल हैं, इसलिए इनकी सफलता भी जरूरी है। आरएलडीए बरेली में शुरू हुए पहले प्रोेजेक्ट की उदाहरण भी दिया है।
आरएलडीए अफसरों के मुताबिक सिविल लाइंस में चौपुला-पटेल चौक मार्ग, इज्जतनगर डीआरएम कार्यालय के पीछे आवासीय कॉलोनी पर प्रोजेक्ट लाने पर सहमति दी है। श्यामगंज मालगोदाम यानी शाहदाना परिसर कमर्शियल गतिविधियों के लिए ज्यादा उपयुक्त तो माना है, लेकिन इस पर बाद में विचार होगा। उन्होंने बताया कि रेलवे अपनी भूमि बेचेगा नहीं, बल्कि एक निश्चित अवधि के लिए लीज पर देकर उसे विकसित कराएगा, प्रोजेक्ट रेलवे के मानकों के आधार पर ही तैयार होगा।
रेलवे देशभर में निप्रयोज्य परिसंपत्तियाें पर पीपीपी मॉडल से नए प्रोजेक्ट ला रहा है। बरेली में एक प्रोजेक्ट बरेली जंक्शन पर लांच हो चुका है। अन्य स्थानों पर संबंधित टीम सर्वे कर रही है, कोशिश है कि बरेली स्मार्ट सिटी में यह प्रोजेक्ट हिस्सा बनें।
- दिनेश कुमार सिंह, पूर्वोत्तर रेल मंडल प्रबंधक