फरीदपुर। मुख्य मार्ग के किनारे से अतिक्रमण हटाने के दौरान बृहस्पतिवार को हंगामा हो गया। नगर पालिका परिषद की कार्रवाई के विरोध में अतिक्रमणकारियों ने मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब आधे घंटे तक रोडवेज बसों के साथ ही अन्य वाहन फंसे रहे।
आरोप है कि इस दौरान पालिका कर्मियों से गाली-गलौज और अभद्रता करने के साथ ही उनकी पिटाई भी की गई। मौके पर पहुंची पुलिस से भी आरोपी उलझ गए। थाने से अतिरिक्त फोर्स आने के बाद पुलिस ने हंगामा करने वालों को हिरासत में लिया। इसके बाद जाम खुलवाया जा सका।
नगर पालिका की ओर से अपराह्न करीब तीन बजे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। स्टेशन रोड चौराहे से बीसलपुर मोड़ तक अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची टीम का कार्रवाई शुरू होते ही अतिक्रमणकारियों ने विरोध शुरू कर दिया।
अतिक्रमणकारियों ने मुख्य मार्ग पर बेलचे और बल्लियां रखकर यातायात बाधित कर दिया। इससे दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। कई दुकानदारों ने अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची टीम के सदस्यों से अभद्रता शुरू कर दी। इसके बाद सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस ने जब जाम खुलवाने का प्रयास किया, तो जाम लगाने वाले लोग पुलिसकर्मियों से ही उलझ गए। उन्हें हड़काने लगे। स्थिति बिगड़ती देख थाने से अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को देखकर कई आरोपी भाग गए। तीन को हिरासत में लेकर थाने लाया गया।
दबाव के बाद कार्रवाई से पलटा पालिका प्रशासन
तीन आरोपियों को हिरासत में लेने की सूचना पर विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग थाने पहुंच गए। नगर पालिका प्रशासन पर तहरीर न देने का दबाव बनाया। बताया जा रहा है कि इसके बाद ही पालिका प्रशासन की ओर से तहरीर पुलिस को नहीं दी गई। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी पुनीत कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को हुए मारपीट के मामले में समझौता हो गया है। इसके बाद तहरीर नहीं दी गई। अतिक्रमण हटाने के लिए शुक्रवार से कस्बे में फिर से अभियान चलाया जाएगा।
पांच किलोमीटर का लगाना पड़ा चक्कर
जाम के चलते राहगीरों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। रोडवेज बसों व अन्य वाहनों को करीब पांच किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना बाइपास होकर गुजरना पड़ा। इस दौरान रोडवेज बसों में बैठे यात्री गर्मी के चलते परेशान होते रहे।
वर्जन :
तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया था। ईओ की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली। इसके बाद आरोपियों को मुचलका पाबंद करके छोड़ दिया गया। - संदीप सिंह, सीओ फरीदपुर