बरेली। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के श्यामगंज कार्यालय पर बुधवार को हुई बैठक में सुप्रीम कोर्ट की ओर से वस्तु एवं सेवा कर कानून में अजीबोगरीब प्रावधान पर रोक लगाने के फैसले का स्वागत किया गया। इस दौरान कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
संगठन के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर कानून में अजीबोगरीब प्रावधान किए गए थे। व्यापारी पूरे रुपये देकर माल खरीदता है और टैक्स भी चुकाता है। लेकिन यदि विक्रेता क्रेता से खरीदे हुए सामान पर टैक्स को जमा नहीं करता है तो उसकी जिम्मेदारी भी क्रेता व्यापारी की होती है।
इस अजीबोगरीब प्रावधान का संज्ञान लेकर सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। महानगर महामंत्री राजेश जसोरिया ने कहा कि जीएसटी के कुछ प्रावधान अब भी व्यापारियों को परेशान करते हैं। उनकी सुनवाई की कोई व्यवस्था नहीं है। आठ वर्षों के बाद भी सरकार अब तक ट्रिब्यूनल नहीं बना पाई है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष दुर्गेश खटवानी ने कहा उत्तर प्रदेश में व्यापारी कल्याण बोर्ड कार्यकाल समाप्त होने के तीन वर्ष के बाद भी पुनर्गठित नहीं हो पाया है। संवाद