बरेली। 2,000 रुपये से अधिक के पर्सन-टू-मर्चेंट भुगतानों पर 0.4% की दर से एमडीआर और उसके शुल्क पर 18% जीएसटी लगाने के विरोध में व्यापारियों ने आंदोलन तेज कर दिया है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने डेलापीर मंडी स्थित कार्यालय पर बृहस्पतिवार को विभिन्न व्यापारिक एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक की। बैठक में शुक्रवार को नो यूपीआई डे मनाने का निर्णय लिया गया।
प्रांतीय संयुक्त महामंत्री राजेश जसोरिया ने कहा कि सरकार अब व्यापारियों को दुधारू गाय समझ रही है। हमारे ऊपर लगातार कर बढ़ाए जा रहे हैं। वरिष्ठ उपाध्यक्ष दुर्गेश खटवानी ने बैंकों की मनमानी पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बैंक हर सेवा पर अत्यधिक शुल्क वसूल रहे हैं। नकद जमा करने, मिनिमम बैलेंस, लेजर मेंटेन करने, स्टेटमेंट लेने, एसएमएस अलर्ट और बीमा के नाम पर व्यापारियों के खातों से बिना सहमति के रुपये काटे जा रहे हैं।
मंडलीय युवा अध्यक्ष शुभम अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों की मौन स्वीकृति को उनकी कमजोरी न समझा जाए और जरूरत पड़ने पर बड़ा आंदोलन कर एमडीआर का पुरजोर विरोध किया जाएगा। प्रांतीय महामंत्री व राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि नकद लेनदेन बढ़ने से जीएसटी वसूली प्रभावित होगी। बैठक में दर्शन लाल भाटिया, श्याम मिठवानी, मुकेश खटवानी, मुकुल मित्तल, अंजनी गुप्ता आदि मौजूद रहे।