फतेहगंज पश्चिमी (बरेली)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की दिल्ली से आई टीम बृहस्पतिवार तड़के लौट गई। टीम ने चिटौली गांव में परचून दुकानदार पोशाकीलाल के घर पर बुधवार सुबह छापा मारा था। पोशाकीलाल को फिलहाल छोड़ दिया है, लेकिन उसका मोबाइल फोन और दस्तावेज साथ ले गई है। बैंक खाते से हुए 80 करोड़ रुपये के लेन-देन की जांच हो रही है। इसमें दिल्ली निवासी परिचित की भूमिका संदिग्ध है।
दूसरी ओर, पोशाकीलाल ने दावा किया है कि एसबीआई के जिस खाते से लेन-देन हुआ है, उसे उन्होंने खुलवाया ही नहीं है। वह फर्जी खाता है, जिसमें करीब अस्सी करोड़ रुपये से अधिक की रकम आई और निकाली गई। बृहस्पतिवार को पोशाकीलाल ने पुलिस और एसबीआई की स्थानीय शाखा के प्रबंधक को पत्र दिया।
उन्होंने बताया कि दिल्ली निवासी जितेंद्र मौर्य ने तीर्थयात्रा के नाम पर उनके और सैकड़ों ग्रामीणों के आधार व पैन कार्ड लिए थे। स्थानीय बैंक प्रबंधक ने पुष्टि की है कि उनकी शाखा में पोशाकीलाल का कोई खाता नहीं है। उनका एक खाता दिल्ली के द्वारका में है, जिससे केवल 25 हजार रुपये का लेन-देन हुआ है।
हवाला कारोबार से संबंध की आशंका
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चिटौली के आसपास स्थित धंतिया और अन्य गांवों में हवाला कारोबार और साइबर अपराध की जड़ें काफी गहरी हैं। इन इलाकों में मजदूर और अशिक्षित लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए गए हैं। इन खातों का उपयोग हवाला कारोबार, साइबर ठगी और जीएसटी चोरी की रकम के लिए किया जा रहा है।
ईडी की विस्तृत जांच जारी
ईडी की टीम अब इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत जांच करेगी। माना जा रहा है कि बैंककर्मियों की मिलीभगत से किसी ने पोशाकीलाल के खाते का गलत उपयोग किया है। चिटौली गांव धंतिया से अधिक दूर नहीं है, जिससे पोशाकीलाल के मामले में भी हवाला कारोबारियों की संलिप्तता की आशंका है। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि ईडी की टीम अपने स्तर से जांच कर रही है। स्थानीय पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी है।