बरेली। शाही और शीशगढ़ पुलिस की शह पर भाखड़ा नदी में दिन-रात अवैध खनन दो मासूम बच्चों की जिंदगी पर भारी पड़ गया। रविवार को नदी में नहा रहे दोनों बच्चों को कुचल दिया। एक की मौके पर ही मौत ही गई, दूसरे की भी हालत नाजुक है। पुलिस के इस मामले में खनन माफिया को बचाने की कोशिश करने की वजह से लोगों में भारी गुस्सा है।
शीशगढ़ इलाके के गांव रतनपुरा के सात-आठ बच्चे रविवार सुबह भाखड़ा नदी के किनारे बकरियां चराने गए थे जो गर्मी की वजह से नदी में नहाने उतर गए। पास में ही नदी से खनन कर ट्रैक्टर-ट्रॉली में रेत भरी जा रही थी। अचानक एक ट्रैक्टर ट्रॉली तेजी से नदी में नहा रहे बच्चों की तरफ आई तो बच्चों में भगदड़ मच गई। बच्चे नदी से निकलकर भागे, लेकिन यूसुफ खां का छह वर्षीय बेटा साहिल और इंदर खां की सात वर्षीय बेटी फलक रेत भरी ट्रॉली के पहिए के नीचे आ गई।
साहिल की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों पैरों के ऊपर से ट्रॉली का पहिया गुजरने की वजह से फलक भी गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद ट्रैक्टर ड्राइवर सहित नदी में खनन कर रहे लोग सामान वहीं छोड़कर भाग निकले। घटना का पता लगने पर पास में ही अमरूद के बाग में काम कर रहे फलक के पिता इंदर खां मौके पर पहुंचे और शीशगढ़ पुलिस को सूचना दी। उधर, गांव के लोगों की भी भारी भीड़ घटनास्थल पर इकट्ठा हो गई।
ग्रामीणों ने पुलिस पर माफिया से सांठगांठ कर खनन कराने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। शीशगढ़ पुलिस ने खनन कराने वाले आबिद और जाहिद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। एसडीएम के आदेश पर हलका लेखपाल वैभव सक्सेना ने मौका मुआयना कर रिपोर्ट एसडीएम को भेजी है।
शाही और शीशगढ़ पुलिस की वर्दी पर मासूमों के
खून का दाग, एसडीएम ने डीएम को भेजी रिपोर्ट
भाखड़ा नदी में जिस जगह खनन होता है, वह स्थान शाही और शीशगढ़ थाने की सीमा पर है। लोग शिकायत करते हैं तो शाही पुलिस शीशगढ़ और शीशगढ़ पुलिस शाही इलाके में खनन की बात कहकर पल्ला झाड़ लेती है। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों थानों की पुलिस का खनन माफिया से पैसा बंधा हुआ है, इसीलिए उस पर कार्रवाई नहीं की जाती। इलाके में दिन-रात खुलेआम खनन होता है और रेत भरकर ले जाने वाले ट्रैक्टर ट्रॉली आबादी के बीच तेज रफ्तार से दौड़ते रहते हैं। इनकी चपेट में आकर पहले भी कई लोग घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कोई अवैध खनन की शिकायत करता है तो पुलिस शिकायत करने वाले का नाम खनन माफिया को बता देती है, फिर खनन माफिया उसे धमकी देने लगते हैं। एसडीएम वेद प्रकाश मिश्रा ने भी प्रारंभिक छानबीन के बाद ग्रामीणों के आरोपों को सही पाया है। उन्होंने बताया कि खनन माफिया को संरक्षण देने वाली शीशगढ़ और शाही पुलिस के खिलाफ डीएम और एसएसपी को रिपोर्ट भेजी जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवारों को भी हरसंभव मदद देने का प्रयास किया जाएगा।
घटनास्थल पर पुलिस के कारनामे...
माता-पिता के बगैर जबरन मासूम
को भेज दिया निजी अस्पताल
अस्पताल वालों का 50 हजार रुपये जमा करने से पहले इलाज करने से इनकार
घटना के बाद फलक के पिता इंदर खां तुरंत ही मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ही घटना की सूचना पुलिस को दी थी, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर फलक को खुद ले जाकर बरेली के मिनी बाईपास पर एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। इंदर खां और उनकी पत्नी ने बेटी के साथ जाने के लिए एंबुलेंस में बैठने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें नहीं बैठने दिया। बाद में दोनों किराये पर गाड़ी करके अस्पताल पहुंचे। इंदर खां ने बताया कि निजी अस्पताल में उनसे 50 हजार रुपये जमा करने के लिए कहा जा रहा है। वह गरीब आदमी है और उनके पास इतनी रकम नहीं है। पैसे जमा न करने पर डॉक्टर इलाज करने से इनकार कर रहे हैं।
विरोध कर रहे गांव के लोगों को
दी जेल भेजने की धमकी
घटना के बाद लोगों में भारी गुस्सा फैल गया। पुलिस सूचना मिलने के एक घंटे बाद मौके पर पहुंची तो लोगों ने उस पर सांठगांठ का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। लोगों ने साहिल का शव हरदोई जेल में दो साल से बंद पति से मिलने गई मां खुशनुमा के लौटने पर ही उठने देने की मांग की तो पुलिस ने उन्हें मुकदमा लिखकर जेल भेजने की धमकी देनी शुरू कर दी। इससे विरोध कर रहे लोग घबरा गए। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आरोप है कि पुलिस ने पांच लोगों को एक ईंट भट्ठे पर ले जाकर उनसे जबरन एक सादा कागज पर अंगूठा भी लगवा लिया।
खुद तहरीर लिखकर लगवाया अंगूठा, ट्रैक्टर
ड्राइवर का एफआईआर में नाम नहीं
पुलिस ने आननफानन तहरीर लिखकर उस पर घायल फलक के पिता इंदर खां का अंगूठा लगवाकर आबिद और जाहिद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली लेकिन रिपोर्ट में ट्रैक्टर ड्राइवर के नाम का जिक्र तक नहीं किया, जबकि ग्रामीण कई और लोगों पर भी आरोप लगा रहे थे। उनका कहना था कि वह साहिल की मां के आने के बाद तहरीर देंगे, लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी।
इंदर खां की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। ट्रैक्टर ट्रॉली को कब्जे में ले लिया है। ग्रामीण जो आरोप लगा रहे है वे निराधार है। - अजय पाल सिंह, इंस्पेक्टर शीशगढ़