बरेली। एक सितंबर से चीन निर्मित खिलौनों को भारतीय मानक ब्यूरो लैब से गुजरना होगा। इसकी कसौटी पर खरा उतरने के बाद ही उन्हें बाजार में बिक्री की अनुमति होगी। इस आदेश से खिलौना बाजार में खलबली मची हुई है, क्योंकि अब चीन से पहले सैंपल मंगाना होगा और उसका परीक्षण संबंधित लैब से कराया जाएगा। इस नई व्यवस्था के लागू होने से खिलौनों के दाम बढ़ना भी तय हैं।
चीन से बड़ी तादाद में खिलौने आयात होते हैं। बरेली में हर माह औसतन एक करोड़ रुपये का कारोबार होता है। हालांकि इन दिनों कारोबार बमुश्किल 20-25 प्रतिशत ही रह गया है। इस बीच भारत सरकार ने चीन निर्मित खिलौनों के मानक ब्यूरो से परीक्षण का आदेश लागू कर दिया है। इसके तहत भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) लैब में खिलौनों का परीक्षण कराना अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था एक सितंबर से लागू होगी। खिलौना विक्रेता विकास नागपाल बताते हैं कि इससे खिलौना बाजार प्रभावित होगा, क्योंकि चाइनीज आइटम का कोई विकल्प अभी नहीं है। हालांकि ग्राहक जागरूक होने लगे हैं और देसी खिलौने की मांग करने लगे हैं, लेकिन जब उन्हें कोई विकल्प नहीं मिलता है तो वे चीनी आइटम ही खरीद लेते हैं। सत्यपाल खुराना ने बताया कि भारत में चीनी आइटमोें का विकल्प जरूरी है।