बरेली। पीलीभीत बाइपास किनारे नई टाउनशिप विकसित करने को लेकर बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने नौ गांवों की 4558 बीघे जमीन के अधिग्रहण की तैयारी की है। दूसरी ओर, किसान जमीन देने के लिए राजी नहीं हैं। किसानों ने इसके के लिए सहमति भी नहीं दी है, पर बीडीए ने डीएम के अनुमोदन के बाद प्रस्तावित भूमि के विवरण को अधिग्रहण के लिए सार्वजनिक कर दिया है। इससे संबंधित गांवों के किसानों की नींद उड़ गई है।
कुम्हरा, अहिलादपुर, अड़ूपुरा जागीर समेत अन्य गांवों के किसानों में बीडीए की दबंग कार्यशैली के प्रति गुस्सा और आक्रोश है। उनका कहना है कि बीडीए ने जिन कॉलोनियों को बसाया है, पहले वहां के लोगों को सुवधिाएं दे। लोगों का भरोसा जीते। किसानों की जमीन छीनकर उन्हें बर्बाद न करे। नई टाउनशिप के लिए प्रस्तावित भूमि के विवरण को प्राधिकरण ने सार्वजनिक कर दिया है। सहमति पत्र पर किसानों के हस्तारक्षर-अंगूठा लेने के लिए लेखपाल-कानूनगो गांवों के चक्कर लगा रहे हैं।
अड़ूपुरा जागीर के उमेश कुमार का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में बीडीए का रवैया दमनकारी है। अहिलादपुर के सर्वेश पटेल, हेमराज सिंह, जितेंद्र कुमार व अड़ूपुरा जागीर के नवाब सिंह यादव ने कहा कि वह बीडीए के विकास कार्यों का विरोध नहीं करते, लेकिन जिस तरह से वह जमीन अधिग्रहण करना चाहते हैं, वह ठीक नहीं है। उन्हें बताया तक नहीं गया और गांववार किसान का नाम, गाटा, रकबा आदि को बीडीए ने सार्वजनिक कर दिया। प्रकाशित दस्तावेज में आपसी सहमति के आधार पर बरेली विकास प्राधिकरण के पक्ष में क्रय करने के लिए नौ गांवों की कुल 4,558 बीघे (267.1925 हेक्टेयर) जमीन का विस्तृत ब्योरा दिया गया है। इससे उनकी रात की नींद और दिन का सुकून सब छिन गया है। संवाद
नई टाउनशिप में प्रभावित हो रहे ये गांव
आसपुर खूबचंद, अड़ूपुरा जागीर, अहिलादपुर, बरकापुर, कुम्हरा, कलापुर, मोहरनियां, नवदिया कुर्मिान व हरहरपुर के किसानों की जमीनों पर नई टाउनशिप बसाने की तैयारी है।