सहसवान के बागवाला गांव में 90 फीसदी मुस्लिम हैं, अधिकतर का झुकाव सपा की ओर दिखा। उस्मानपुर बूथ पर गैर यादव मतदाता भाजपा की तारीफ कर रहे थे, तो अनुसूचित जाति के मतदाता हाथी पर सवार रहे। सदर विधानसभा क्षेत्र में सपा के 40 समर्थकों को शांति भंग के अंदेशे में पुलिस ने निरुद्ध किया और शिवपाल सिंह यादव को जिले के बाहर छोड़ा गया तो इसकी प्रतिक्रिया रही।
यहां बगावत का पड़ा असर
सहसवान के इस्लामनगर में पूर्व विधायक हाजी बिट्टन चुनाव से पहले बसपा छोड़कर सपा में आ गए। बिल्सी और सहसवान में उनके दलबदल का असर रहा। वह बिल्सी से बसपा के विधायक रहे हैं। बिसौली विधानसभा सीट पर सपा विधायक आशुतोष मौर्य की बगावत का असर सपा पर पड़ा। राज्यसभा के चुनाव में उन्होंने पार्टी लाइन से हटकर भाजपा का समर्थन किया था। इसके बाद अपनी पत्नी सुषमा मौर्य और बहन मधु चंद्रा को भाजपा में शामिल किया। वह खुद सपा के चुनाव प्रचार से परहेज कर गए।
सपा मुखिया चुनाव के दौरान दो बार जिले में चुनावी सभा करने आए लेकिन किसी एक मंच पर भी आशुतोष मौर्या नहीं पहुंचे। उनकी बगावत से उनके करीबी मतदाता भाजपा खेमे में चले गए तो सपा विधायक के राजनीतिक विरोधियों को अपनी ओर आकर्षित किया तो तमाम लोग सपा की ओर खड़े हो गए। नफा-नुकसान को लेकर खींचतान रही। बिल्सी विधानसभा सीट में सपा और भाजपा की सीधी टक्कर रही। उझानी नगर पालिका के बूथ पर परंपरागत सवर्ण मतदाता भाजपा के पक्ष में नजर आया तो मुस्लिमों का रुझान सपा की ओर रहा।