लोकतंत्र के पर्व में मंगलवार को मतदाता उत्साहित दिखे। प्रत्याशियों के समर्थक भी एक-एक वोट के लिए जूझते रहे। अपने पक्ष के मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक पहुंचाने के लिए प्रत्याशियों के समर्थक सुबह से शाम तक डटे रहे।
मतदाताओं को बुलाने के लिए पहले घर-घर मतदाता पर्ची पहुंचाई। अपनी गाड़ी से उनको बूथ तक ले आए। मतदान के बाद उनको घर तक भी पहुंचाया। फरीदपुर के श्याम सुंदर कन्या इंटर कॉलेज में बनाए गए बूथ से वोट डालकर निकले व्यक्ति का एक पार्टी के समर्थक ने हाथ जोड़कर अभिवादन किया।
पूछा- पोलिंग बूथ के अंदर कोई परेशानी तो नहीं हुई? व्यक्ति ने जब इन्कार में सिर हिलाया तो समर्थक ने कहा कि चाचा... चाची को बोलिएगा कि आकर वोट डाल जाएं। दोपहर में धूप बढ़ने से परेशानी होगी।
फरीदपुर के स्टेशन रोड पर स्थित सीएएस इंटर कॉलेज, किसान इंटर कॉलेज, छंगामल मॉन्टेसरी स्कूल में मतदान केंद्र बनाए गए थे। तीनों विद्यालय आसपास ही हैं। विद्यालयों के नजदीक ही सड़क किनारे प्रत्याशियों के कार्यकर्ता काउंटर लगाकर बैठे थे। जिन मतदाताओं के घरों तक पर्चियां नहीं पहुंची थीं, वे यहीं से पर्ची बनवा रहे थे।
यहां से गुजरने वाले मतदाताओं से काउंटर पर बैठे हुए लोग अपने प्रत्याशी का चुनाव चिह्न बताकर पक्ष में मतदान करने की अपील करते रहे। वोट डालकर आने वालों से परिवार के अन्य सदस्यों को भी जल्द भेजने की अपील की। घर तक गाड़ी भेजने की भी बात कही।
कम हुई अभिकर्ताओं के बीच की दूरीएक दौर था जब प्रत्याशियों के बस्तों पर जगह-जगह झगड़े होते थे। मतदाता किस प्रत्याशी के बस्ते पर पर्ची लेने जा रहा है, इस पर भी विवाद होता था। पोलिंग बूथ के अंदर भी एजेंटों के बीच तनाव चरम पर होता था। इस बार ऐसी स्थिति नजर नहीं आई।
रामनगर के मतदान केंद्र पर सपा और भाजपा के एजेंट पेड़ की छांव में साथ बैठकर सुस्ताते दिखे। छंगामल मॉन्टेसरी स्कूल में एजेंट इधर-उधर टहलते दिखे। कई गांवों में अभिकर्ताओं के बस्ते भी पास-पास ही लगे थे।
वोटों का गुणा-गणित करते रहे समर्थक
आंवला संसदीय क्षेत्र में आने वाले गांव रजऊ परसपुर में पोलिंग बूथ के बाहर बैठे समर्थक वोटों का गुणा-भाग करते रहे। मतदाता सूची लिए बैठे लोग बूथ तक पहुंचने वाले अपने समर्थक मतदाताओं के नाम के आगे पेन से निशान लगा रहे थे। पूछने पर बताया कि जीत-हार का आंकड़ा तय करने में यह काफी कारगर रहता है।