तंबाकू के सेवन से लाइलाज कैंसर होता है। जो दर्दनाक मौत की वजह बनता है। इस जानकारी के बावजूद लोग तंबाकू उत्पादों से तौबा नहीं कर रहे। यही वजह है कि बरेली जिले में प्रतिमाह करीब 50 करोड़ के पास तंबाकू का कारोबार पहुंच जाता है।
कारोबारियों के मुताबिक दशकभर पहले तंबाकू उत्पादों का कारोबार प्रतिमाह करीब 30 करोड़ था। दशकभर में ही खैनी, पान मसाला, जर्दा, सिगरेट, बीड़ी आदि का बेतहाशा प्रयोग बढ़ा है। इसी तरह थोक कारोबारियों समेत चौराहों पर दुकानदारों की तादाद भी बढ़ी है। पान मसाला, सिगरेट, खैनी की कई कंपनियों के उत्पाद मोहल्ले की दुकान से मॉल के बाहर धड़ल्ले से बिक रहे हैं। युवाओं में पान मसाला, सिगरेट का प्रयोग स्टेटस सिंबल बन रहा है। लिहाजा, सेवन करने वाले रोगी और कारोबारी मालामाल हो रहे हैं।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्लोगन, पोस्टर के भरोसे ही तंबाकू नियंत्रण का दावा है। कभी-कभार अभियान चलाकर अंकुश लगाने की कवायद होती है। इधर, स्कूल-कॉलेज के पास, अस्पतालों के बाहर तंबाकू की बिक्री हो रही है। इसी कारण कारोबार भी 50 करोड़ के पार पहुंच रहा है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि पहले यह कारोबार 30 करोड़ के करीब था, लेकिन अब यह 50 करोड़ तक पहुंच गया है।