कोर्ट की टिप्पणी : मृत्यु पूर्व बयान पर संदेह नहीं
बचाव पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि शिवानी मानसिक रूप से कमजोर थी। खाना बनाते समय कपड़ों में आग लगने से उसकी मृत्यु हुई थी। उसके माता-पिता भी पक्षद्रोही हो गए हैं। ऐसे में आरोपियों को बरी करना उचित होगा। कोर्ट ने टिप्पणी की कि माता-पिता या अन्य गवाहों के पक्षद्रोही होने से शिवानी के मृत्यु पूर्व बयान पर संदेह नहीं किया जा सकता।