बहेड़ी। चार माह से दहशत फैलाने वाले तेंदुए की लोकेशन कर्नल फार्म के आसपास मिलने के बाद यहां पिंजड़ा लगाया है। तेंदुए को पकड़ने के लिए यहां एक बकरा भी बांधा गया है। वन विभाग का अनुमान है कि क्षेत्र में दो तेंदुए हो सकते हैं, क्योंकि रविवार को पीलीभीत के अमरिया में तेंदुए की चहलकदमी तो पता चली मगर वापसी के कोई निशान नहीं हैं।
आसपास के गांवों में दहशत का पर्याय बना तेंदुआ जवाहरपुर में दो महीने पहले शाम के समय घर के बाहर खेल रही बच्ची को उठा ले गया था। बड़ी मुश्किल से ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर बच्ची को बचाया। इसके बाद कई दिन तक उसके इलाके में तेंदुए के देखे जाने की सूचनाएं मिलती रहीं। बीते शनिवार को भुड़िया कॉलोनी में तेंदुए ने ग्रामीण वासुदेव के घर में घुसकर खिड़की की जाली तोड़ने कि कोशिश की थी। उस कमरे में मुर्गियां और गाय बंधी थी। रविवार को पीलीभीत के अमरिया के आसपास तेंदुए की चहलकदमी देखी गई। तब वन विभाग ने उसके अमरिया के जंगल में जाने की आशंका जताई थी। इधर आमखेड़ा में कर्नल फार्म में हर चौथे-पांचवें दिन तेंदुआ देखे जाने पर वन विभाग ने उसे पकड़ने के लिए बकरा बांधकर पिंजड़ा लगा दिया है। वन विभाग का अनुमान है कि जो तेंदुआ कर्नल फार्म में चहलकदमी करता देखा जाता है वह दूसरा हो सकता है क्योंकि रविवार को अमरिया की तरफ गए तेंदुए की वापसी के पगमार्क क्षेत्र में नहीं मिले हैं।
‘पता चला है कि बीच बीच में तेंदुए का मूवमेंट फार्म के पास झाड़ियों में हो रहा है। हो सकता है उसने अपना ठिकाना कर्नल फार्म में बनाया हो। मूवमेंट एरिया को चिह्नित करने के बाद पिंजड़ा लगाया गया है। अगर तेंदुआ एक ही है तो हो सकता है अमरिया से वापस यहां पहुंचे।’
- रवींद्र कुमार सक्सेना, रेंजर बहेड़ी।