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टीकमदास ने भाड़े के हत्यारों से कराई थी अपनी पत्नी और बच्चों की हत्या

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पीलीभीत। पत्नी और बच्चों की हत्या में शामिल टीकमदास चांदवानी ने खुद को बचाने के लिए अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेकिन बच न सका। पुलिस की विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि टीकमदास ने अपनी पत्नी, पुत्र और दो पुत्रियों की हत्या भाड़े के हत्यारों से कराई थी।
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राशन विक्रेता टीकमदास चांदवानी दूसरी शादी करना चाहता था। परिवार बाधक बन सकता था। इसलिए उसने 41 वर्षीय पत्नी पुष्पा, 22 वर्षीय पुत्र प्रभुदास, 19 वर्षीय पुत्री पुष्पा और सात वर्षीय पुत्री रानी की भाड़े के हत्यारों को बुलाकर हत्या कराई थी। गला रेत कर नृशंस हत्या की गई थी। सभी के शव अलग अलग कमरों में पाए थे।
हत्याकांड में 37 साल बाद सोमवार को जब कोर्ट ने फैसला सुनाया तो तीन अभियुक्त मौजूद थे। जिस टीकमदास चांदवानी ने पत्नी और बच्चों की हत्या कराई थी, वह हाजिर नहीं था। स्पेशल जज राजीव सिंह ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। नौ लोगों की गवाही और परिस्थिति जन्य साक्ष्य सजा का आधार बने। फैसला सुनते ही तीन दोषियों के चेहरों पर मायूसी छा गई।
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टीकमदास ने हत्याकांड के बाद कर ली थी दूसरी शादी
टीकमदास ने हत्याकांड में जेल से छूटने के बाद एक महिला से दूसरी शादी कर ली थी। अब उसके परिवार का कोई भी सदस्य पीलीभीत में नहीं रहता है। मोहल्ला तखान के जिस मकान में हत्या हुई थी। वह मकान हत्या के कई वर्ष तक वीरान पड़ा रहा। दशकों बाद उस मकान को कसबा जहानाबाद निवासी एक व्यक्ति ने खरीद लिया।
सरकारी वकील ने फांसी की सजा देने का किया आग्रह
मुकदमे में सरकारी पक्ष ने निरंजन शर्मा, दिनेश मिश्रा, विजय कुमार कातिब, परेमश्वर चंद्र मेहरा, रामकुमार और डॉ. एसके अग्रवाल सहित नौ गवाहों को पेश किया। इस मामले की कार्रवाई हाईकोर्ट से स्टे हो गई थी। बाद में स्टे खारिज हो गया, तब कोर्ट ने सुनवाई शुरू की। सरकारी वकील ने इस केस में आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की, लेकिन न्यायालय ने हत्याकांड को विरलतम नहीं माना। आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
हत्या के बाद धोए गए थे कपड़े
शहर कोतवाली से 100 मीटर दूरी पर मोहल्ला तखान में हुए सामूहिक हत्याकांड की चर्चा उस समय हर आदमी की जुबां थी। चर्चा थी कि टीकम दास की डॉ. असरार साकिब दोस्त हैं। टीकमदास रंगीन मिजाज है। भाड़े के लोगों से हुई इस हत्या का राज पुलिस ने जल्द ही खोल दिया था। यह मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित है। विवेचना में पुलिस ने पाया कि हत्या करने के बाद बाथरूम में कपड़े धोए गए थे। आरोपी हीरालाल से ही कुछ सामान बरामद कराया गया।
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