पीलीभीत टाइगर रिजर्व की टीम ने पगचिह्नों की जांच की
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टीम ने एक से अधिक बाघ होने की जताई आशंका
आंवला। अलीगंज इलाके के रामगंगा खादर में मंगलवार सुबह भी बाघ देखा गया। मछली पकड़ने गए मछुआरों के बाघ देखने की पुष्टि करने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर पगचिह्नों की जांच की। बाघ की सटीक लोकेशन जानने के लिए चार स्थानों पर कैमरे लगवाए गए हैं। इसके साथ ही टीम ने इस इलाके में लोगों की आवाजाही पर पाबंदी लगा दी है। टीम ने आसपास गांवों में मुनादी कराई कि जब तक बाघ पकड़ा नहीं जाता तब तक ग्रामीण इधर न आएं। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के विशेषज्ञ ने पगचिह्नों की जांच के बाद एक से अधिक बाघ होने की आशंका जताई है।
मंगलवार तड़के गांव सूदनपुर के बुद्धसेन कश्यप और गांव धनेती के छोटेलाल सागर रामगंगा से मछली पकड़ने गए थे। इन लोगों का कहना है कि उन्होंने जगतराम की ईख के पास सुबह करीब चार बजे बाघ देखा। उस वक्त कोहरा होने की वजह से पहले तो वे उसे कोई छुट्टा जानवर समझे, लेकिन जब बाघ छलांग लगाकर ईख में घुस गया तो उन्होंने वहां उसके पंजे के निशान देखे और फिर भागकर गांव आ गए। गांव आकर लोगों को बाघ देखने की जानकारी दी।
ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। इस पर पीलीभीत टाइगर रिजर्व से डॉ. दक्ष गंगवार, रेंजर राजेश शर्मा, वन दरोगा अवनीश गंगवार मौके पर पहुंचे और पग चिह्नों की जांच की। इसके बाद टीम ने बाघ की गतिविधियों के अनुमानित क्षेत्र में चार स्थानों पर कैमरे लगा दिए। टीम ने बताया कि पगचिह्नों से एक से अधिक बाघ होने की आशंका है। इससे पहले शनिवार को लक्ष्मण के खेत में बाघ के पगचिह्न देखे गए थे। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जांच के बाद बाघ के पगचिह्न होने की पुष्टि की थी।