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दिहाड़ी तीन गुनी, काम काले का सफेद

Thu, 17 Nov 2016 01:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
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three-times-a-day-working-in-black-white - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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आजकल मजदूर अड्डों पर सुबह आठ-नौ बजे से सन्नाटा पसर जाता है। नोटबंदी के चलते निर्माण कार्य ठप पड़े हैं और मजदूर मेठ सब लाइन में लगे हैं। उन्हें नोट बदलने की नया सीजनल रोजगार मिल गया है और कमाई भी तीन गुनी हो जा रही है। नया काम है पुराने नोट बदलने का। ये काला धन इन मजदूरों का नहीं, बल्कि नेता व्यापारी और अफसरों का हैं।
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मंगलवार दोपहर रामपुर गार्डन स्थित भारतीय स्टेट बैंक गेट के सामने लंबी लाइन लगी थी। लाइन में पुराना शहर नवादा जोगियान के मजदूर अब्दुल गफ्फार, शाकिर, सलीम, नूर अहमद, किस्मत अली, आसिफ अपनी बारी आने के इंतजार में खड़े थे। पूछा तो बोले- पुराने नोट बदलने हैं। सुबह से खड़े हैं। रुपये किसने दिए? इस सवाल पर पहले तो सन्न रहे और फिर सोचकर बोले हमारे हैं। बुखारपुरा के फुरकान, गुड्डू जरी कारीगर हैं। उन्हें जरी कारखाने के मालिक मुशाहिद लेकर पहुंचे थे। मुशाहिद ने बताया कि उन्होंने पांच जरी कारीगरों को लाइन में लगाया है। भीम सेन और उसका 14 साल का भतीजा अर्जुन करेली से  रामपुर गार्डन एसबीआई शाखा पहुंचे थे। नोट बदलवाने की कितनी मजदूरी लेते हैं? इस सवाल पर भीमसेन भड़क गया। पुराना शहर के खालिद, रिंकू, आफाक, शाबेज, मोहम्मद नासिर, मोहम्मद नासिर, मोहम्मद वसीम बड़ा डाकखाना में लाइन लगाए खड़े थे। बातचीत करने पर बोले सुबह आठ बजे लाइन में लग जाते हैं। नोट बदलना बंद होने के बाद शाम को घर लौटते हैं। ये सिलसिला कई दिनों से चल रहा है। रुपये बदलने को देता कौन है? इस पर कोई नहीं बोला। भोजीपुरा इलाके के चमन नगरिया का मुन्ना, उसका 15 वर्षीय भाई नसीम, सीबीगंज के रहने वाले दानिश, कदीर बख्श, सरफराज, अलताफ, खालिद सिविल लाइंस स्थित एचडीएफसी बैंक नोट बदलने पहुंचे थे। अपने नजदीकी बैंक छोड़कर इतनी दूर नोट बदलने क्यों आए हो? कुछ समझ नहीं आया तो बोले वहां नोट बदले नहीं जा रहे हैं।
तीन जगह कर लेते हैं काम 
बैंकों और डाकखाने में  एक बार में चार या साढ़े चार हजार रुपये बदले जाते हैं। मजदूर को एक बार नोट बदलने के तीन से पांच सौ रुपये मिल जाते हैं। घर से बाकायदा आईडी लेकर आते हैं। दो से तीन बैंकों में जाकर लाइन  हैं। इस तरह तीन सौ की जगह नौ सौ से एक हजार रुपये तक कमा ले रहे हैं। इन मजदूरों पर निगरानी रखने को एक व्यक्ति मौजूद रहता है। 
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