बरेली। बरेली जंक्शन से संचालित होने वाली तीन जोड़ी यानी छह ट्रेनों के लिए एलएचबी रैक मिल गई है। इन गाड़ियों में यात्रा अब पहले के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और आरामदेह होगी। अब तक इन गाड़ियों का संचालन आईसीएफ रैक के जरिये किया जा रहा था। बरेली-वाराणसी एक्सप्रेस का संचालन एक जनवरी से एलएचबी रैक के साथ शुरू हो जाएगा।
14235-36 वाराणसी-बरेली एक्सप्रेस एक ओर से 560 किलोमीटर की दूरी तय करती है। यह गाड़ी बरेली जंक्शन से शाम 4:35 बजे चलने के बाद अगले दिन सुबह सात बजे वाराणसी पहुंचती है। एक जनवरी से लागू होने वाली समय सारिणी में गाड़ी की औसत रफ्तार बढ़ाने के साथ समय सारिणी में आंशिक बदलाव किया गया है। इसके अलावा 14314-13 बरेली-लोकमान्य तिलक टर्मिनल मुंबई एक्सप्रेस एक ओर से 1610 किलोमीटर की दूरी तय करती है। इस गाड़ी का एलएचबी रैक के साथ 14 फरवरी से संचालन शुरू हो जाएगा।
बरेली जंक्शन से संचालित होने वाली एक अन्य लंबी दूरी की गाड़ी 14320-19 बरेली-इंदौर एक्सप्रेस एक ओर से 1050 किलोमीटर की दूरी आईसीएफ रैक से पूरी करती है। इस गाड़ी के लिए भी नए साल में एलएबी रैक मिल कई है। 18 फरवरी से बरेली-इंदौर एक्सप्रेस एलएचबी रैक के साथ पहले के मुकाबले ज्यादा रफ्तार से दौड़ेगी। संवाद
क्या है एलएचबी रैक-
एलएचबी रैक लिंक हॉफमैन बुश तकनीक पर बने आधुनिक, सुरक्षित और आरामदायक डिब्बों वाली ट्रेन होती है। बरेली-इंदौर, बरेली-लोकमान्य तिलक मुंबई और बरेली-वाराणसी एक्सप्रेस 16 कोच के साथ संचालित की जाती है। इनमें दो सामान्य श्रेणी के कोच लगाए जाते हैं। एलएचबी कोच जर्मन तकनीक पर आधारित हैं। आईसीएफ कोच की रैक के साथ चलने वाली गाड़ी को अधिकतम 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार दी जा सकती है, जबकि एलएचबी रैक की ट्रेन को 160-200 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ाया जा सकता है। एलएचबी रैक ज्यादा सुरक्षित होती है। दुर्घटना की स्थिति में कोच एक-दूसरे पर नहीं चढ़ते। इसके अलावा यह कोच आरामदेह भी होते हैं।