बरेली। रबी फसलों में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि बुधवार को बीत गई। देर शाम को बीमा प्रदाता कंपनी से मिले आंकड़े के मुताबिक, जिले में सिर्फ 10 हजार किसानों की केवल गेहूं की फसल का बीमा हुआ है। वैसे, जिले में 5.50 लाख से अधिक किसान और 10 लाख से ज्यादा कृषि प्लाट हैं। जिनमें 1.66 लाख हेक्टेयर में गेहूं, 65 हेक्टेयर में चना, 7,813 हेक्टेयर में मसूर, 40,002 हेक्टेयर में राई/सरसों व अन्य फसलें हैं।
बीमा प्रदाता कंपनी की रिपोर्ट है कि 10,023 किसानों की 2,188 हेक्टेयर (34,730 बीघा) गेहूं फसल का बीमा किया गया है। इसमें सबसे अधिक 9,975 वह किसान हैं, जिन्होंने कृषि ऋण लेकर फसल बोई है, जबकि गैर ऋणी 48 किसान हैं। इन लोगों ने प्रीमियम के कुल 26.83 लाख रुपये जमा किए हैं। बीमा प्रदाता कंपनी के जिला समन्वयक दीपक पटेल ने बताया कि अंतिम तिथि तक इफको-टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने 10,023 किसानों की गेहूं फसल का बीमा किया है। फसल बीमा में बैंक रुचि नहीं लेती हैं। किसान भी बीमा कराने में कतराते हैं। जिले की चार-पांच ग्राम पंचायतों को छोड़ अन्य सभी जगह सिर्फ गेहूं की फसल है। इसलिए गेहूं के अतिरिक्त अन्य सरसों, मसूर व चना फसलों का बीमा नहीं हो पाया है। उपकृषि निदेशक हिमांशु पांडेय ने बताया कि आंकड़ों से स्पष्ट है कि बीमा कर्मियों ने योजना पर कोई काम ही नहीं किया है। उम्मीद है कि अन्य बैंकों से डाटा आएगा तो बीमित फसल वाले किसानों की संख्या 15 हजार तक पहुंच जाए। संवाद