पति-पत्नी बनकर पहुंचते थे दुकान पर
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनके पास से मिले 11 पेंडल असली सोने के हैं। इनमें छह पेंडल महेंद्र और पांच सुरेश के पास थे। इसके अलावा सुरेश के पास चार पेंडल नकली हैं जो चांदी के बने हुए हैं, लेकिन उस पर सोने की परत चढ़ी है। आरोपियों ने बताया कि वह शहरों में घूमते रहते हैं। महेंद्र और बबली पति-पत्नी बनकर सराफा व्यापारियों की दुकान पर जाकर असली सोने के पेंडल गिरवी रखकर सुनार से नकद रुपये लेते थे और कुछ चांदी के जेवरात बनवा लेते हैं।
यह काम वह सुनार से तीन-चार बार करते हैं। जब सुनार को उनके ऊपर भरोसा हो जाता था तब वह नकली चांदी के पेंडल पर सोने की परत चढ़ाकर सुनार को देकर उनसे रुपये ले लेते थे। सराफा व्यापारी को अपना फोटो लगा कूटरचित आधार कार्ड देते थे। यह धंधा वह काफी समय से कर रहे थे।
तीन बार गिरवी रखे थे असली सोने के पेंडल
आरोपियों ने बताया कि किला बाजार में प्रकाश ज्वैलर्स के पास उन लोगों ने तीन बार असली सोने के पेंडल गिरवी रखकर नकद रुपये लेने के अलावा चांदी के जेवर बनवाए थे। उसके बाद नकली सोने के 19 पेंडल देकर 20 लाख रुपये नकद और चांदी की पायल और सोने की अंगूठी की ठगी की थी। इससे पहले वह बिथरी चैनपुर में इसी तरह पांच लाख रुपये की ठगी कर चुके हैं।