तीन सदस्यों की कमेटी करेगी जांच
डीआरएम आरके सिंह ने स्थानीय अधिकारियों से मामले की रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने तीन सदस्यों की जांच कमेटी गठित की है जो लोको पायलट, गार्ड के साथ गैंगमैनों के भी बयान दर्ज करेगी। एक सप्ताह के अंदर यह कमेटी अपनी रिपोर्ट डीआरएम को सौंपेगी। जांच कमेटी में संचालन, कैरेज एंड वैगन और रेल पथ के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
बरेली-शाहजहांपुर रेल खंड पर चौथी घटना
सवा महीने में बरेली-शाहजहांपुर रेल खंड में मालगाड़ी डिरेल होने की यह चौथी घटना है। 10 दिन के अंदर ही तीसरी बार मालगाड़ी डिरेल हुई है। 27 दिसंबर को पहला हादसा रोजा यार्ड में तो एक जनवरी को रोजा में लाइन पर हुआ था। इससे पहले 28 नवंबर को बरेली जंक्शन यार्ड में भी मालगाड़ी का कोच पटरी से उतर चुका है। लगातार डिरेलमेंट की घटनाओं ने रेल प्रशासन का सिरदर्द बढ़ा दिया है। एक तरफ जहां रेलवे अयोध्या में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान बरेली होकर अयोध्या के लिए पांच जोड़ी ट्रेनों के संचालन पर विचार कर रहा है, वहीं बार-बार हो रहे डिरेलमेंट से सुरक्षा व संरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उठे सवाल : कमजोर ट्रैक पर कैसे दौड़ेगी वंदे भारत
30 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में छह वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई थी। इनमें एक बरेली से अयोध्या के लिए प्रस्तावित थी, लेकिन ट्रैक की रफ्तार कम होने के कारण फिलहाल इसे स्थगित कर दिया गया है। ट्रैक कमजोर होने की वजह से वंदे भारत का संचालन लंबा खिंचता जा रहा है। रोजा से लखनऊ के बीच 168 किमी रेल ट्रैक की स्थिति ज्यादा खराब है। इसकी औसत स्पीड 80 किमी प्रतिघंटा से भी कम है। जबकि, वंदे भारत के लिए मजबूत ट्रैक और औसत स्पीड कम से कम 120 किमी प्रति घंटा होनी चाहिए।