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बरेली जंक्शन पर मालगाड़ी डिरेल: तीन सदस्यों की कमेटी करेगी जांच, डीआरएम ने एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट

Sun, 07 Jan 2024 11:30 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर शनिवार रात अचानक मालगाड़ी आ गई और उसके दो डिब्बे पटरी से उतर गए। डीआरएम आरके सिंह ने स्थानीय अधिकारियों से मामले की रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने तीन सदस्यों की जांच कमेटी गठित की है जो लोको पायलट, गार्ड के साथ गैंगमैनों के भी बयान दर्ज करेगी।
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मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर शनिवार रात करीब 10:20 बजे अचानक मालगाड़ी आ गई और उसके दो डिब्बे पटरी से उतर गए। दरअसल प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो के बीच रन-थ्रू (लूप) लाइन से गुजरती मालगाड़ी प्वाइंट में खराबी के कारण प्लेटफॉर्म नंबर दो की तरफ बढ़ गई थी। हादसे के समय ही 12231 लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस को प्लेटफॉर्म नंबर दो पर आना था, गनीमत रही कि यह ट्रेन देरी से थी। बड़ा हादसा तो बच गया, मगर कई मीटर पटरी क्षतिग्रस्त होने से करीब 15 ट्रेनें प्रभावित हुईं। घटना के बाद ट्रेनों का प्लेटफॉर्म बदलने से यात्रियों में आपाधापी मची रही।

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सात मीटर पटरी हुई क्रेक, प्वाइंट भी क्षतिग्रस्त
यार्ड में जिस प्वाइंट से मालगाड़ी को तय प्लेटफॉर्म पर जाना था, वहां करीब सात मीटर पटरी क्रेक हो गई है। मालगाड़ी के गार्ड का डिब्बा पटरी में रगड़ करते हुए आगे बढ़ा है। पटरी करीब 200 मीटर क्षतिग्रस्त हुई है। इसमें सात मीटर पटरी को उखाड़ने का काम शनिवार रात ही शुरू हो गया। रविवार शाम तक काम पूरा होने की उम्मीद है। 

लंबी ट्रेन होने की वजह से आई दिक्कत
लॉन्ग हाल मालगाड़ी (दो मालगाड़ी के कोच ले जाने वाली) होने की वजह से जंक्शन का काफी हिस्सा प्रभावित हो रहा था। तब इंजन व 21 नंबर तक के कोच आगे बढ़ाकर तात्कालिक व्यवस्था की गई। देर रात दुर्घटना राहत ट्रेन ने मालगाड़ी को पटरी पर लाकर लाइन क्लियर की। इसके बाद जंक्शन पर ट्रेनों का संचालन सामान्य हो सका। बरेली-कासगंज रूट की ट्रेनों का संचालन सामान्य रहा।

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तीन सदस्यों की कमेटी करेगी जांच
डीआरएम आरके सिंह ने स्थानीय अधिकारियों से मामले की रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने तीन सदस्यों की जांच कमेटी गठित की है जो लोको पायलट, गार्ड के साथ गैंगमैनों के भी बयान दर्ज करेगी। एक सप्ताह के अंदर यह कमेटी अपनी रिपोर्ट डीआरएम को सौंपेगी। जांच कमेटी में संचालन, कैरेज एंड वैगन और रेल पथ के अधिकारियों को शामिल किया गया है।

बरेली-शाहजहांपुर रेल खंड पर चौथी घटना 
सवा महीने में बरेली-शाहजहांपुर रेल खंड में मालगाड़ी डिरेल होने की यह चौथी घटना है। 10 दिन के अंदर ही तीसरी बार मालगाड़ी डिरेल हुई है। 27 दिसंबर को पहला हादसा रोजा यार्ड में तो एक जनवरी को रोजा में लाइन पर हुआ था। इससे पहले 28 नवंबर को बरेली जंक्शन यार्ड में भी मालगाड़ी का कोच पटरी से उतर चुका है। लगातार डिरेलमेंट की घटनाओं ने रेल प्रशासन का सिरदर्द बढ़ा दिया है। एक तरफ जहां रेलवे अयोध्या में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान बरेली होकर अयोध्या के लिए पांच जोड़ी ट्रेनों के संचालन पर विचार कर रहा है, वहीं बार-बार हो रहे डिरेलमेंट से सुरक्षा व संरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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उठे सवाल : कमजोर ट्रैक पर कैसे दौड़ेगी वंदे भारत
30 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में छह वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई थी। इनमें एक बरेली से अयोध्या के लिए प्रस्तावित थी, लेकिन ट्रैक की रफ्तार कम होने के कारण फिलहाल इसे स्थगित कर दिया गया है। ट्रैक कमजोर होने की वजह से वंदे भारत का संचालन लंबा खिंचता जा रहा है। रोजा से लखनऊ के बीच 168 किमी रेल ट्रैक की स्थिति ज्यादा खराब है। इसकी औसत स्पीड 80 किमी प्रतिघंटा से भी कम है। जबकि, वंदे भारत के लिए मजबूत ट्रैक और औसत स्पीड कम से कम 120 किमी प्रति घंटा होनी चाहिए।

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