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तीन अस्पतालोें ने तो लौटा दिए रुपये मिशन अस्पताल नहीं दे रहा जवाब

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : demo photo
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कोरोना संक्रमितों से इलाज के ज्यादा रुपये वसूलने पर महीने भर पहले चार अस्पतालों के खिलाफ शुरू हुई थी जांच

बरेली। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में मरीजों से मनमाना बिल वसूलने के मामले में चार पेड कोविड अस्पतालों को नोटिस भेजे गए थे। इनमें से तीन अस्पतालों ने बिल में तकनीकी खामी बताकर मरीजों से ज्यादा वसूले गए रुपये वापस कर दिए, लेकिन मिशन अस्पताल ने अब तक नोटिस का जवाब नहीं दिया है। जांच अधिकारी ने कार्रवाई के लिए रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही है।
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कोरोना संक्रमण काल में चार अस्पतालों के खिलाफ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री समेत तमाम अधिकारियों से शिकायतें की गईं थीं। इन पर इलाज में लापरवाही से कोरोना संक्रमितों की मौत, मनमाना बिल वसूलने और अभद्रता करने के आरोप थे। शासन ने शिकायतों का संज्ञान लेकर जांच के आदेश दिए। इस पर सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. आरएन गिरि को जांच सौंप दी। उन्होंने तीन अस्पतालों को आठ नोटिस भेजे। इनमें महेंद्र गायत्री अस्पताल की एक, विनायक अस्पताल की दो, मिशन की चार और दीपमाला अस्पताल की एक शिकायतें थी। जांच अधिकारी डॉ. गिरि ने बताया कि मिशन अस्पताल को छोड़कर बाकी सभी अस्पतालों ने किन्हीं कारणों से हुई चूक के चलते बिल ज्यादा बन जाने का तर्क देते हुए पीड़ित मरीज या उनके परिजन को रुपये वापस कर दिए हैं।
उन्होंने बताया कि मिशन अस्पताल को अब तक तीन बार रिमाइंडर भेजा जा चुका है, लेकिन उससे अब तक जवाब नहीं मिला है। अस्पताल प्रबंधक को भी कार्यालय बुलाकर जवाब देने के लिए कहा जा चुका है, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। अब तीन वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम गठित कर मिशन अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जांच रिपोेर्ट तैयार की जाएगी। इसे कार्रवाई की संस्तुति के साथ शासन को भेज दिया जाएगा।

शासन से निर्धारित दर से ज्यादा वसूला था बिल

जांच अधिकारी ने बताया कि शासन ने पेड कोविड अस्पतालों में संक्रमितों के इलाज की दर निर्धारित कर दी थी। शिकायत पर अस्पतालों से बिल की कॉपी तलब की गई तो पता चला कि मरीजों के खानपान, डॉक्टर विजिट, जांच, स्टाफ आदि का खर्च भी बिल में जोड़ा गया था जबकि यह शासन से निर्धारित दर में ही शामिल है। इन अस्पतालों को नोटिस देकर ज्यादा वसूले गए रुपये लौटाने को कहा गया था। इस पर तीन अस्पतालों ने रुपये वापस कर दिए। उन्हें भविष्य में शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। मिशन में भी यही खेल हुआ था पर वह चुप्पी साधे है।
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