राजू को एक दिन में 20 हजार तक का होता था फायदा
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि यह मकान राजू का है। शफीक और जफर का काम सट्टा लिखकर नंबरिंग करना है। सट्टे से जो कमाई होती थी उसे बांट दिया जाता था। राजू को कभी पांच तो किसी दिन में 20 हजार तक का फायदा होता था। गली में मुखबिर खड़े करने होते हैं जो हर दिन 200 रुपये लेते हैं। पुलिस के आते ही ये लड़के तत्काल सूचना दे देते हैं।
सट्टा माफिया तन्नू परिवार समेत भागा
पुलिस टीम ने एक दिन पहले ही सट्टा माफिया तन्नू के दो लोगों को गिरफ्तार किया था। जबकि तन्नू उसकी पत्नी ललिता और भाई अर्जुन मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने दोबारा से दबिश दी तो घर में ताला मिला। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए एसओजी के साथ लगातार दबिश दे रही है।