हेलमेट लगाता तो बच सकती थी जान
सेंथल जादोपुर मार्ग पर हुए सड़क हादसे में पुष्पेंद्र और दो किशोरों की मौत से उनके परिवारों में कोहराम मच गया। पुष्पेंद्र के पिता फूलसिंह गांव में खेतीबाड़ी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। मृतक के बहनोई उमाशंकर ने बताया कि वह बाइक का शौकीन था। उसने अभी कुछ समय पहले ही दो लाख रुपये की बाइक खरीदी थी। वह उत्तराखंड के जनपद रुद्रपुर में रहकर सिलाई का काम करता था। रविवार शाम ही वह अपने गांव आया था। बहन पुष्पा के घर से दूसरी बहन कांती के घर जा रहा था और हादसे का शिकार हो गया।
हादसे के बाद घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि पुष्पेंद्र हेलमेट साथ में लेकर तो चल रहा था लेकिन लगाया हुआ नहीं था। हेलमेट बैग में रखा हुआ था। सिर पर चोट लगने की वजह से पुष्पेंद्र की मौत हुई है। लोगों का कहना था कि यदि वह हेलमेट लगाया होता तो शायद उसकी जान बच जाती।