प्राइवेट पार्ट में डाली थी फूंकनी
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। सोनू व राजीव ने आरोपों को झूठा बताया। दोनों ने बताया कि वह शादीशुदा हैं। उनके बच्चे हैं। अदालत में पीड़िता ने बताया कि आरोपियों ने उसके प्राइवेट पार्ट में फूंकनी व चाकू डाला। बेहोश होने पर उसे छोड़कर भाग गए। पीड़िता करीब दो माह तक अस्पताल में भर्ती रही।
अपर शासकीय अधिवक्ता हरेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि तीनों ने वीभत्स तरीके से दुष्कर्म किया है। प्राइवेट पार्ट पर चाकू से हमला किया। उसे करीब दो माह तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। उन्होंने तीनों को कठोर दंड देने की बात कही। अदालत ने तीनों को सामूहिक दुष्कर्म के लिए दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व तीस-तीस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
तीनों ने पार कर दी थीं हैवानियत की सारी हदें
महिला से दुष्कर्म के दौरान तीनों युवकों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। अदालत में जो मेडिकल रिपोर्ट पेश की गई वह पीड़िता के साथ हुई हैवानियत को बयां कर रही थी। पीड़िता जब अस्पताल पहुंची तो उसके हाथ पैर ठंडे हो चुके थे। ब्लड प्रेशर और नब्ज नहीं मिल रही थी। खून का रिसाव हो रहा था। उसकी हालत नाजुक थी। जख्म होने के कारण सर्जरी कर पीड़िता का लैट्रीन का रास्ता अलग बनाना पड़ा।