बरेली। अवैध रूप से रह रही बांग्लादेशी मुनारा बी और उसकी दोनों बहनों सायरा बानो व तस्लीमा को शनिवार दोपहर कोर्ट में पेश कर वहां से जेल भेज दिया गया। तीनों पर अवैध रूप से भारत में रहने, फर्जी पहचान पत्र व अन्य दस्तावेज तैयार कराने व दो फर्जी पासपोर्ट बनवाने का आरोप है। मुनारा नौ बार विदेश यात्रा कर चुकी है। तीनों के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका में सैन्य अधिकारियों व एजेंसियों ने भी पूछताछ की। महिलाओं ने खुद को गरीब, अनपढ़ व बेगुनाह बताया।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि प्रेमनगर थाना क्षेत्र के मौलानगर में कई साल से रह रही मुनारा बी मूल रूप से बांग्लादेश के खुलना प्रांत के जिला जेस्सोर के पेनापोल गांव की रहने वाली है। मुनारा बी ने पुलिस को बताया कि वह किशोरावस्था में वर्ष 1972 में घुसपैठ कर भारत आई थी। मौलानगर निवासी रिक्शा चालक यासीन से शादी करके यहीं बस गई। बाद में मुनारा ने अपने भाई-बहनों को भी यहां बुलाकर हाफिजगंज इलाके में शादियां करा दीं। ब्यूरो ः एसपी सिटी ने बताया कि फर्जी दस्तावेजों के जरिये मुनारा बी ने पहली बार 1996 में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। मानक पूरा न होने पर उसे निरस्त कर दिया गया। तब मुनारा ने फर्जी तरीके से खुद की भारतीय पहचान दिखाकर आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि बनवाए। वर्ष 2011 में उसने अपनी जन्मतिथि 1959 दिखाकर पासपोर्ट बनवाया। उसने यह कवायद एक स्थानीय समूह से जुड़कर की, जो लोगों को विदेश में घरों व प्रतिष्ठानों में काम करने के लिए भेजता है। इस पासपोर्ट में ज्यादा उम्र का पेच फंसा तो मुनारा ने अगली बार अपनी बहन सायरा के नाम से 1973 की जन्मतिथि दिखाकर दूसरा पासपोर्ट बनवाया। इसमें फोटो व थंब मुनारा का ही लगा था।