एक महीने पहले बनी थी हत्या की योजना
अवधेश ने बताया कि पुष्पेंद्र की हत्या की योजना एक महीने पहले ही पूरनलाल के घर बन गई थी। इसमें पूरनलाल व अर्जुन, सिपिन, विपिन, गौरव के अलावा देवेंद्र निवासी मोहम्मदपुर भजा थाना बीसलपुर जिला पीलीभीत, पूर्व प्रधान संतोष निवासी चंदपुर थाना क्योलड़िया, भुता के ब्रजेश उर्फ बिरजू व रविंद्र निवासी परेवा चुर्रा थाना बिलसंडा जिला पीलीभीत शामिल थे। अवधेश खुद भी बैठक में था। यहीं तय हुआ कि पूरनलाल खुद को हत्या से अलग दिखाएगा ताकि कोई फंसे तो वह पैरवी कर सके।
तब पूरनलाल दूसरे मुकदमे में आत्मसमर्पण कर जेल चला गया था। इंतजार बस सही वक्त का किया जा रहा था। उस दिन जेल में जब उन लोगों ने पूरनलाल को सूचना दी कि पुष्पेंद्र दोपहर गांव आ सकता है। तब पूरनलाल ने कहा कि सही समय है। मौका देखकर उसे निपटा दो। उन्होंने जेल से लौटकर पूरनलाल व पवन का ये फरमान उनके परिजनों को बता दिया। फिर सिपिन व गौरव आदि ने हत्या कर दी।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि पुष्पेंद्र की हत्या के चार आरोपी अब तक जेल भेजे जा चुके हैं। बाकी की तलाश में टीम लगी है। मुख्य शूटरों की गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड का सटीक खुलासा किया जाएगा। कोई निर्दोष जेल नहीं जाएगा लेकिन कोई दोषी भी नहीं बचेगा।