बरेली में बॉटब्रो नाम के निवेश प्लेटफार्म पर निवेशकों के साथ आर्थिक धोखाधड़ी का आरोप लगा है। एक निवेशक ने एसएसपी से शिकायत की तो बारादरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच कराई गई।
निवेशक निदेश गंगवार का आरोप है कि उन्हें प्रति माह 5-6 फीसदी लाभ का वादा किया गया था। शुरुआत में नियमित प्रतिफल और निकासी उपलब्ध कराई गई थी। इससे यह प्लेटफार्म वैध और विश्वसनीय लगने लगा। इसी विश्वास के आधार पर कई लोगों ने इसमें निवेश किया। निदेश को धीरज राज और रजनीश रोशन ने बॉटब्रो के बारे में बताया। उन्होंने कंपनी के मालिक लबिश चौधरी से सीधे संपर्क का आश्वासन दिया था। निवेश की राशि सीधे कंपनी या उससे जुड़े भुगतान माध्यमों में जमा की जाती थी।
निवेशकों की बड़ी धनराशि फंसी
निदेश गंगवार ने बताया कि उन्होंने धीरज राज को छह लाख रुपये नकद भी दिए। कंपनी ने निवेशकों को अधिक निवेश के लिए प्रेरित किया। बाद में कंपनी ने डोमेन और प्लेटफार्म परिवर्तन की जानकारी दी। पुराने निवेशकों से प्लेटफार्म पर स्थानांतरण के लिए फिर से निवेश करने को कहा गया। इसके बाद निकासी में देरी होने लगी और भुगतान पूरी तरह बंद हो गया। वर्तमान में इसका संचालन बंद है। निवेशकों की बड़ी धनराशि फंसी हुई है और कंपनी या उसके संचालकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
मामला दर्ज कर शुरू की जांच
निवेशकों ने आरबीआई सचेत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पहले आशीष चौधरी और उसकी संस्था को कानूनी कार्रवाई के लिए अधिकृत किया था। अब एसएसपी के आदेश पर बारादरी पुलिस ने लविश चौधरी, धीरज राज व आशीष चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।