खून से भरी इस्तेमालशुदा वॉयल और रैपिड टेस्ट किट देखकर लोगों में फैली दहशत, स्वास्थ्य विभाग ने निजी लैब पर जताया शक
सूचना देने के बावजूद मौके पर जांच करने नहीं पहुंचा अफसर
फरीदपुर। बीसलपुर रोड पर एक कबाड़ी की दुकान पर मंगलवार को ब्लड सैंपल प्रिजर्व करने के लिए इस्तेमाल होने वाली हजारों वॉयल और रैपिड टेस्ट किट पड़ी देखकर लोगों में दहशत फैल गई। कबाड़ी की दुकान पर भीड़ इकट्ठी होने के बाद स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई लेकिन कोई अफसर मौके पर जांच करने तक को नहीं पहुंचा और इसे प्राइवेट लैब का कारनामा बताकर पल्ला झाड़ लिया।
मंगलवार शाम करीब तीन बजे बीसलपुर रोड पर एक कबाड़ी की दुकान के बाहर सड़क किनारे लोगों ने ब्लड सैंपल प्रिजर्व करने की हजारों वॉयल और रैपिड टेस्ट किट पड़ी देखीं। चूंकि ये वॉयल और रैपिड टेस्ट किट इस्तेमाल की हुई थीं लिहाजा कस्बे में चर्चा फैलनी शुरू हो गई। तमाम वॉयल में खून भरा हुआ था और उन पर नाम की चिट भी लगी हुई थी। कबाड़ी की दुकान पर भीड़ इकट्ठी हो गई। स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई कि लेकिन अफसरों ने नगर पालिका से संबंधित मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया। कोई अफसर मौके पर जांच करने तक नहीं पहुंचा।
लोगों ने आशंका जताई कि ये वॉयल कोरोना काल के दौरान एकत्र किए गए ब्लड सैंपल के हैं जिन्हें स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कबाड़ी को बेच दिया है। उन्होंने सड़क किनारे हजारों की संख्या में वॉयल खुले पड़े होने से संक्रमण फैलने की आशंका जताई। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में जो भी बायो मेडिकल वेस्ट होता है, उसे परिसर में ही नष्ट कर दिया जाता है। यह वॉयल प्राइवेट लैब की होंगी, इसकी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की नहीं है बल्कि नगर पालिका की है। बता दें कि जिस स्थान पर कबाड़ी की दुकान हैं, उस इलाके में करीब एक दर्जन प्राइवेट लैब चल रही हैं। इन लैब पर लिया जाने वाला सैंपल कहां नष्ट किया जाता है, इसकी जानकारी न स्वास्थ्य विभाग को है न ही नगर पालिका को। हालांकि सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह ने कहा कि एमओआईसी को इस प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। इसके बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
कबाड़ी की दुकान पर मेडिकल वेस्ट बेचे जाने के मामले में कार्रवाई करने का अधिकार नगर पालिका और एसडीएम फरीदपुर को है। हमारे पास ऐसा कोई अधिकार नहीं है। - डॉ. बासित अली, अधीक्षक सीएचसी
नगर में चल रही प्राइवेट पैथोलॉजी लैब को नोटिस देकर पूछा जाएगा कि वे अपने यहां का मेडिकल वेस्ट कहां निस्तारित करते हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. नितिन गंगवार, ईओ नगर पालिका
वॉयल चाहे प्राइवेट लैब की हो या सरकारी अस्पताल की, खुले में नहीं फेंकी जा सकती। इस मामले में जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - अजय उपाध्याय, एसडीएम फरीदपुर