बरेली। अगर कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति पत्नी, बेटे-बेटी को उपहार स्वरूप देता है तो उसे हस्तांतरणकर्ता की संपत्ति मानते है। यह तर्क संगत नहीं है। जिसे संपत्ति हस्तांतरित हो, उसी को स्वामित्व मिले, तभी महिलाएं सशक्त होंगी।
सेंट्रल यूपी चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्री वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा सोमवार को आयोजित कार्यकारिणी और शैडो बजट सभा में अध्यक्ष राजीव सिंघल ने ये विचार साझा किए। सभी चार्टर्ड एकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी से सुझाव मांगे हैं, ताकि आम बजट से पहले केंद्रीय वित्त मंत्रालय को सुझाव पत्र भेजा जा सके। सचिव अल्पित अग्रवाल ने संस्था संचालन के लिए भूमि खरीद, उद्योग बंधु, श्रम, बीडीए, नगर निगम, डायरेक्टरी, खेल, मीडिया, पिकनिक, आईटी, सोशल मीडिया, सेमिनार, सदस्यता अन्य समितियों की घोषणा की।
सचिव ने उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के एमएसएमई पोर्टल के बारे में जानकारी साझा की। अध्यक्ष ने अगले माह एसआरएमएस के सहयोग से मैत्री क्रिकेट मैच और आम बजट पेश होने के बाद सभा आयोजन की जानकारी दी। यहां किशोर कटरू, अभिनव अग्रवाल, अजय शुक्ला व अन्य उद्यमी मौजूद रहे।
सीएसआर फंड पर लग रहा टैक्स हटाया जाए
सीए मोहित टंडन, सीए अखिल रस्तोगी ने कहा कि सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी) फंड से खर्च करने पर टैक्स में छूट नहीं मिलती। जबकि, इस खर्च पर टैक्स लगता है। धारा-37 में संशोधन कर इस व्यय पर छूट दिए जाने की मांग की। सीए मंयक अग्रवाल ने पूंजीगत लाभ खाते से धन निकालने पर टीडीएस लगाने के प्रावधान की सिफारिश की। सीए मोहित वैश्य, सीए क्षितिज टंडन ने रिटर्न दाखिल करने का समय 31 मार्च तक बढ़ाने पर जोर दिया। सीए सुधीर मेहरोत्रा, सीए रविंद्र अग्रवाल ने भी सुझाव दिए। अमर उजाला ब्यूरो