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एसआईआर अभियान: गोद में बच्चों को लेकर काम कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, डिजिटाइजेशन में सर्वर की बाधा

Sun, 30 Nov 2025 11:53 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत गणना प्रपत्रों को डिजिटाइज किया जा रहा है। इस काम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी जुटी हुई हैं। उनका कहना है कि ड्यूटी के दौरान उनको पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। प्यास लगने पर उनको पानी खरीदना पड़ रहा है।
 
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सदर तहसील सभागार में गणना प्रपत्रों को डिजिटाइज करतीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बरेली में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता खुद भूखी-प्यासी रहकर लोकतंत्र की जड़ों को सींच रही हैं। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत सदर तहसील में कैंट विधानसभा क्षेत्र के गणना प्रपत्रों को डिजिटाइज किया जा रहा है। इसके लिए सुबह 10 से शाम पांच बजे तक 69 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ड्यूटी कर रही हैं। इनमें कई ऐसी महिलाएं हैं, जिनके छोटे बच्चे भी हैं। ड्यूटी के दौरान उनको पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। प्यास लगने पर उनको पानी खरीदना पड़ रहा है।

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प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन में लगीं प्रेमनगर भूड़ वार्ड-54 की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरोज यादव शनिवार को अपने छोटे बच्चे को कुर्सी पर लिटाकर काम करती दिखीं। वार्ड-77 की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आरती व जेबा अहमद और वार्ड-62 की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मुस्कान गुप्ता एवं चित्रा अग्रवाल ने बताया कि वह सुबह 10 बजे तहसील आ जाती हैं। शाम पांच बजे तक काम में जुटी रहती हैं। दिनभर में चाय न मिले तो कम से कम पानी ही मिल जाए। 

वेबसाइट धीमी होने से दिक्कत 
इन लोगों ने यह भी बताया कि उन्हें रोज 150 प्रपत्रों को डिजिटाइज करना है, लेकिन वेबसाइट धीमी होने से दिक्कत आ रही है। तहसील सभागार में लगा वाई-फाई सिस्टम भी बेहतर काम नहीं कर रहा है। हालात यह है कि शनिवार अपराह्न 3:30 बजे तक प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 40-50 प्रपत्र ही डिजिटाइज कर पाई थीं।
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सुपरवाइजर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शालू के कार्य की सराहना की। शालू ने बताया कि सर्वर बहुत डाउन है। इसलिए काम गति नहीं पकड़ पा रहा है। यही बात सोनम ने भी दोहराई। डायट के प्रशिक्षु शेखर सक्सेना ने बताया कि वह पहली बार यह काम कर रहे हैं। जल-जलपान का कोई इंतजाम नहीं है। शेखर ने कहा कि गणना प्रपत्र सबमिट करने के दौरान अक्सर लॉग आउट हो जा रहा है।

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आठ महीने से नहीं मिला मानेदय
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन लोगों की इसी वर्ष अप्रैल में ज्वाॅइनिंग हुई है। आठ महीने हो गए हैं, पर मानदेय नहीं मिला है। रोज घर से किराये का इंतजाम करके आना पड़ रहा है। डीपीओ मनोज कुमार ने बताया कि नई ज्वॉइनिंग की सभी कार्यकर्ताओं को मानदेय हर महीने मिल रहा है।

कैंट विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी गुलाब चंद्र ने बताया कि डिजिटाइजेशन में लगीं सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पानी और सूक्ष्म जलपान मिल रहा है। कुछ कार्यकर्ताओं की शिकायत है तो इसकी जांच करा ली जाएगी।

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