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दस करोड़ से ज्यादा ले उड़े ठिरिया के बंटी और बबली

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ठगी की आरोपी तस्लीम बी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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एक तोला सोने पर हर महीने एक हजार और एक लाख रुपये पर पांच हजार का ब्याज देने का झांसा दिया था लोगों को
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गांव के हर गली-मोहल्ले में है दंपती की ठगी के शिकार हुआ कोई न कोई परिवार
चोट खाने वालों में कई खाड़ी देशों में नौकरी कर रहे लोगों के परिवारों की महिलाएं

बरेली। तसलीम बी और इमरान, गांव ठिरिया निजावत खां के तमाम हताश लोगों के बीच अब ये दोनों बंटी और बबली के नाम से मशहूर हो चुके हैं। करीब 20 हजार आबादी वाले गांव के हर गली-मोहल्ले में इन दोनों के हाथों ठगा गया कोई न कोई परिवार जरूर है। बरसों से लोग इस दंपती को नेक और मददगार तबीयत का शख्स मानते थे लेकिन अब दिन-रात कोसते नहीं थक रहे हैं। गांव में दर्जनों ऐसे लोग हैं जिन्होंने उनके वादों पर यकीन करके अपनी सारी जमापूंजी गंवा दी।
माना जा रहा है कि तसलीम और इमरान गांव भर में तमाम लोगों से दस करोड़ से ज्यादा रकम का सोना और कैश ले उड़े। ठग दंपती के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने वाले मनोरथ वर्मा शहर के आशीष रॉयल पार्क में रहते हैं, उनकी दुकान ठिरिया निजावत खां के मीना बाजार में रचना ज्वैलर्स के नाम से है। मनोरथ के पिता राम प्रकाश के मुताबिक तसलीम बी और इमरान खान को वह करीब बीस साल से जानते थे। अक्सर वे लोग उनकी दुकान से जेवर अपने घर ले जाते थे और पसंद का जेवर खरीदने के बाद बाकी जेवर लौटा जाते थे। 17 दिसंबर 2019 को दोनाें उसकी दुकान पर पहुंचे। तसलीम ने कहा कि उसे कुछ जेवर खरीदने हैं लेकिन वह भाई को दवा दिलाने जा रही हैं, इसलिए उसका पति इमरान जेवर ले जाएगा। घर पर जेवर पसंद कर वह बाकी जेवर लौटा देगी। इमरान उनकी दुकान से तीन हार, पांच जोड़ी बुंदे, आठ चूड़ी समेत 347.400 ग्राम सोने के जेवर घर ले गया।
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शाम तक वह लौटकर नहीं आया तो उन्होंने उसे फोन किया। इस पर उसने अगले दिन आने की बात कही मगर फिर भी दोनों नहीं आए, न जेवर भेजे। दो दिन बाद उन्होंने फिर फोन किया तो तबीयत खराब होने का बहाना कर दिया। इसके बाद कोरोना और लॉकडाउन का बहाना बनाकर उन्हें टालते रहे। कभी जेवरात लॉकर में रखे होने की बात कहकर उन्हें गुमराह किया और आखिर में मोबाइल बंद कर लिया।

ठगी का फंडा : एक तोला सोने पर हर महीने एक हजार, एक लाख कैश पर पांच हजार

बरेली। शातिर ठग तसलीम बी और इमरान ने ठिरिया निजावत खां ने तमाम लोगों को ठगी का शिकार बनाया। सोने और कैश के निवेश पर वे लोगों को हर महीने मोटा ब्याज देने का झांसा देते थे। अपने कई एजेंट भी बना रखे थे। ज्यादातर महिलाओं को उन्होंने शिकार बनाया। इनमें नगर पंचायत की सभासद नजमी खान भी शामिल हैं।
सराफा कारोबारी राम प्रकाश कहते हैं कि इमरान और तसलीम बी ने ठगों का पूरा गिरोह तैयार कर लिया था। गांव वालों को इसकी भनक तक नहीं लगी। दोनों ने कुछ एजेंट बनाकर प्रचार कराया कि वे लोग सोने और कैश के निवेश पर अच्छा मुनाफा देते हैं। एक तोला सोना देने पर हर महीने एक हजार रुपये और एक लाख रुपये कैश देने पर हर महीने पांच हजार रुपये दिए जाते हैं। गांव की महिलाएं इस झांसे में ज्यादा आईं। दरअसल गांव के तमाम लोग खाड़ी देशों में नौकरी करते हैं जो वहां से अपने घर पैसा भेजते रहते हैं। ठगों ने ऐसे ही परिवारों की महिलाओं को ज्यादा निशाना बनाया। कई महिलाओं ने अपने जेवरात के साथ कैश भी उनके पास जमा किया। शुरू में तसलीम और इमरान सभी को ब्याज देता रहा लेकिन करोड़ों रुपये का माल जमा होने के बाद दोनों भाग निकले। ठिरिया के लोगों का कहना है कि दोनों आरोपी दस करोड़ से ज्यादा के जेवरात और रुपये लोगों से ठगकर भागे हैं।

62 लाख गंवा बैठीं सभासद नजमी खान

नगर पंचायत की सभासद नजमी खान ने बताया कि इमरान और तसलीम बी उनके 62 लाख रुपये की नकदी और जेवरात लेकर भाग गए हैं। उसकी बातों में आकर उन्होंने अपने कई रिश्तेदारों के भी जेवरात और कैश उन्हें दिला दिए थे। अब वे लोग उनसे अपने जेवर और रकम मांग रहे हैं।

मां ने गंवाई बेटे की कमाई

ठिरिया में ही रहने वाली नासिरा खान ने बताया कि उनका बेटा रहीस खां कुवैत में काम करता है। उसके भेजे पैसे उन्होंने इकट्ठे कर रखे थे। इमरान ने उनसे कहा कि अगर वह उसे जेवर दे देंगी तो वह प्रति तोला हर महीने उन्हें एक हजार रुपये देगा। वह उसके झांसे में आ गईं और छह महीने पहले 17 तोला सोने के जेवरात उसे दे दिए।

दो और लोगों से 25 तोला सोना ठगा

नासिरा खान ने बताया कि इमरान ने उनकी भतीजी आजमीन को भी ठग लिया। उसके बीस तोला सोने के जेवर लेकर वह भाग निकला। इसके अलावा उनकी भाभी जैबुलनिशा के पांच तोला सोने के जेवरात भी उसने मुनाफे का झांसा देकर ठग लिए।
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पिता बोला- हमसे पूछकर दिए थे जेवर
सराफा कारोबारी रामप्रकाश ने बताया कि आठ अप्रैल 2021 को वह इमरान के घर गए तो उसके पिता ने उल्टे उन्हें ही आड़े हाथ ले लिया। कहा, उससे पूछकर तो जेवर दिए नहीं थे। उसका इमरान से कोई वास्ता नहीं है और वह उसे बेदखल कर चुका है। बमुश्किल उसने इमरान को घर बुलवाया तो उसने उन्हें बिना तारीख के 50-50 हजार रुपये के दो चेक दिए। कहा, इन्हें बैंक में मत लगाना, वह जल्द ही सारी रकम दे देगा। इसके बाद 11 जून को तसलीम और इमरान उन्हें नरियावल में मिले तो जेवरात मांगने पर धमकी देने लगे। बोले, जेवर भूल जाओ, अगर पुलिस में शिकायत की तो दुष्कर्म के मामले में फंसा देंगे या मरवा देंगे। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत एडीजी अविनाश चंद्र से की तो कैंट पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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