बगैर अनुमोदन विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर नहीं होंगे प्रवेश पंजीकरण
बरेली। सभी बोर्डों की इंटर की परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद अब रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने प्रवेश प्रक्रिया की तैयारी तेज कर दी है। शनिवार को प्रवेश का कार्यक्रम जारी होने के बाद अब विश्वविद्यालय ने महाविद्यालयों को गाइड लाइन जारी की है। इसके तहत महाविद्यालयों में उन विषयों में प्रवेश पंजीकरण नहीं होंगे जिन विषयों के लिए उनके शिक्षक विश्वविद्यालय से अनुमोदित नहीं होंगे।
कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार ने सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य को पत्र जारी किया है कि सभी महाविद्यालय दस अगस्त तक प्राचार्य और शिक्षकों की सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दें। कुलसचिव ने पत्र में लिखा है कि सत्र 2021-22 की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो रही है। महाविद्यालय में अनुमोदित प्राचार्य और शिक्षकों की सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दस अगस्त तक अपलोड करना अनिवार्य है। जिन विषयों के प्राचार्य और शिक्षक विश्वविद्यालय से अनुमोदित होंगे, उन्हीं विषय के छात्रों का प्रवेश पंजीकरण वेबसाइट पर मान्य होगा। इसके अतिरिक्त जो महाविद्यालय विषयवाद अनुमोदित शिक्षकों और प्राचार्य की सूची अपलोड नहीं करेंगे, उनमें छात्रों का प्रवेश न होने के लिए महाविद्यालय के प्रबंधक और प्राचार्य जिम्मेदार होंगे।
अब शुरू होगी प्रवेश के लिए भाग-दौड़
आईसीएससी, सीबीएसई और यूपी बोर्ड 12वीं के परिणाम आ गए हैं। उत्तराखंड बोर्ड के भी परिणाम आ चुके हैं। इन सभी बोर्ड के विद्यार्थी एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में स्नातक में प्रवेश लेते हैं। विश्वविद्यालय भी इसके लिए काफी समय से तैयारी कर रहा था। परिणाम आने पर प्रवेश प्रक्रिया का कार्यक्रम घोषित हो गया है। 31 अगस्त तक निर्धारित शुल्क जमा कर ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।
सभी हैं पास इसलिए मेरिट होगी हाई
अबकी बार सभी बोर्ड के लगभग शत-प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए हैं और अंक भी बेहतर मिले हैं लिहाजा मेरिट भी हाई बन सकती है। इसलिए माना जा रहा है कि छात्रों के लिए स्नातक में प्रवेश पाना इस बार आसान नहीं होगा। बताया जा रहा है कि बरेली कॉलेज में प्रवेश लेने में विद्यार्थियों को खासी दिक्कत होगी क्योंकि यहां बीए, बीएससी और बीकॉम के पाठ्यक्रमों की मेरिट हमेशा हाई जाती है। इसलिए ज्यादातर छात्र निजी महाविद्यालयों का रुख करेंगे।
अबकी बार खाली नहीं जाएंगी सीटें
पिछले सालों में प्रत्येक कॉलेज के प्रवेश के आंकड़ों पर गौर करें तो हर विषय में सीटें खाली रह जाती थीं। इन्हें भरने के लिए कई बार प्रवेश प्रक्रिया लंबी खिंचती है फिर भी कुछेक सीट नहीं भर पातीं। अबकी बार सरकारी, एडेड के अलावा निजी महाविद्यालयों की भी सीट भरने की उम्मीद है। विश्विवद्यालय से 563 महाविद्यालय संबद्ध हैं। 507 निजी महाविद्यालय हैं।