बरेली। पंजाब नेशनल बैंक की सहसवान शाखा में 38 हजार रुपये घूस लेते हुए गिरफ्तार किए गए राजीव गंगवार व उसके दफ्तरी दयाराम को शुक्रवार को सीबीआई टीम लखनऊ ले गई।
सीबीआई ने वहां आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। बरेली निवासी सजातीय जनप्रतिनिधि राजीव को छुड़ाने के लिए रातभर कॉल करते रहे। वहीं, पीड़ित ने बताया कि मंगलवार को ही सीबीआई टीम दोनों को पकड़ लेती, पर कैमरे में रिकॉर्डिंग नहीं होने की वजह से योजना फेल हो गई। सहसवान के गांव कांकसी निवासी देवव्रत उर्फ राजकुमार की शिकायत पर सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन टीम ने बुधवार को घूसखोरी के दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की थी। दोनों मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत पांच लाख रुपये का ऋण स्वीकृत करने के लिए देवव्रत से 38 हजार रुपये ले रहे थे।
देवव्रत ने बताया कि उसने सीबीआई टीम के टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई थी। सीबीआई टीम मंगलवार दोपहर ही सहसवान आ गई थी।
टीम ने उसके कपड़ों में वाइस रिकॉर्डर सेट करके दिया था। उसने प्रबंधक से उसके कक्ष में जाकर बात की। कहा कि वह 40 नहीं, 30 हजार रुपये ही दे सकेगा। देवव्रत के मुताबिक, जब वह बाहर आया तो टीम ने उसकी रिकॉर्डिंग चेक की। बसमें बातचीत सही से रिकॉर्ड नहीं हो सकी और प्लान बुधवार के लिए टाल दिया गया। बुधवार को उसने दोबारा टीम के बताए मुताबिक रिकॉर्डिंग व अन्य साक्ष्य जुटा लिए और आरोपियों को पकड़वा दिया। ब्यूरो