कुलपति ने विभागाध्यक्षों और विशेषज्ञों के साथ कोर्स में बदलाव व अन्य सुधार पर किया विचार विमर्श
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। विश्वविद्यालय में बुधवार को कुलपति ने पाठ्यक्रमों में बदलाव और अन्य सुधार के लिए विभागाध्यक्षों व विशेषज्ञों के साथ मंथन किया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर इस महत्वपूर्ण बैठक में कुलपति प्रो. केपी सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के 17 बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसकी आख्या शासन की राज्य स्तरीय निगरानी समिति को भेजी जाएगी। कुलपति ने बताया कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करना आरंभ कर दिया है। कुछ महत्वपूर्ण विभाग जैसे डायरेक्टरेट इंटरनेशनल रिलेशंस, डायरेक्टरेट ऑफ़ रिसर्च यूनिवर्सिटी, इनोवेशन क्लब, इनक्यूबेशन सेंटर, डायरेक्टरेट ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कॉरपोरेट रिलेशन आदि का गठन किया जा चुका है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रमों के नवीनीकरण एवं नए कोर्स चलाने पर विश्वविद्यालय प्रशासन का खास फोकस है। पाठ्यक्रमों को पुनर्गठित करके इन्हें रोजगारपरक एवं उद्योगों के अनुकूल बनाया जा रहा है। डायरेक्टरेट ऑफ मल्टी लैंग्वेजेज का प्रस्ताव विश्वविद्यालय द्वारा भेजा गया है। जिसमें जर्मन, फ्रेंच, स्पेनिश आदि भाषाओं को सिखाने का केंद्र बनाया जाएगा। महिला सशक्तीकरण सेल की स्थापना, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल का पुनर्गठन, ऑनलाइन क्लासेस एवं ई-कंटेंट के विषय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की गाइड लाइन का पालन होगा।
उद्योगों की स्थलीय रिपोर्ट तैयार करेंगे शिक्षक-विद्यार्थी
पूर्व में गठित डायरेक्टरेट आफ इंडस्ट्रियल कॉरपोरेट अफेयर्स से बरेली-मुरादाबाद मंडल और अन्य जगहों के उद्योगों की स्थलीय रिपोर्ट बनाने के लिए विद्यार्थियों और शिक्षकों का पैनल बनाया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक सहायता और कॅरियर काउंसलिंग के लिए प्रावधान किया गया है।