यह परिवाद सक्षम न्यायालय में दाखिल किया जा सकता है। इस अधिनियम के तहत किसी हालत में रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकती। थाना प्रभारी ने अपने अधिकार क्षेत्र के परे जाकर 138 एनआई एक्ट के तहत मुकदमा किया है।
कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी
कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि थानाध्यक्ष संजय तोमर को कानून की जानकारी नहीं है। यह क्यों न माना जाए कि उनको थाना चलाने के बारे में भी मूलभूत जानकारी नहीं है। कोर्ट ने सीओ आशीष प्रताप सिंह पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस रिपोर्ट को उन्होंने तकमीला (निष्पादित) किया है। ऐसा लगता है कि उन्हें तकमीला में रुचि नहीं है। पेशी क्लर्क जिस तरह से पेपर रख जाते हैं, वह उस पर हस्ताक्षर करके दायित्चों की इतिश्री कर लेते हैं।
लगता है कि सीओ को भी कानून की जानकारी नहीं है। क्यों न ये माना जाए कि उन्हें कर्तव्यों की जानकारी नहीं है। कोर्ट ने दोनों अफसरों को तलब करते हुए कहा है कि वह स्पष्टीकरण दें कि उनके खिलाफ क्यों न दंडात्मक कार्रवाई की जाए।