बरेली। स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आयोजित आरोग्य मेले में इलाज के लिए पहुंचे तमाम मरीजों को बगैर जांच के ही बुखार की दवा चिकित्सकों को देनी पड़ी। त्वचा रोग संबंधी कई दवा भी केंद्र पर मौजूद नहीं थी। जांच उपकरणों के अभाव में कई मरीज जिला अस्पताल रेफर किए गए।
बीते दिनों लगातार चार दिन तक बारिश के बाद अब मौसम साफ होने से धूप निकलने लगी है। ऐसे में जरा सी बेपरवाही से लोग वायरल रोगों के चपेट में आ रहे हैं। कालीबाड़ी स्वास्थ्य केंद्र पर दोपहर एक बजे तक 74 मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे। इसमें 40 मरीज बुखार के चपेट में रहे। जिन्हें लक्षण के आधार पर दवाएं दी गईं। चिकित्साधिकारी डॉ. मीनू के मुताबिक केंद्र पर एलटी आयुष द्विवेदी तैनात हैं, लेकिन रोस्टर के तहत तीन दिन सिविल लाइंस पर जाना पड़ता है। वहीं, मातृत्व दिवस के दिन एएनसी जांच के लिए भी सिविल लाइंस स्वास्थ्य केंद्र पर तैनाती होती है।बताया कि केंद्र पर वैक्सीन के लिए फ्रिज नहीं है। जिससे टीकाकरण में अड़चन होती है। ये स्थिति हरुनगला, स्वालेनगर केंद्रों की थी।
इलाज के लिए पहुंचे चार हजार से ज्यादा मरीज
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को 80 स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेला लगा। इसमें करीब चार हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज हुआ। ज्यादातर बुखार, चर्मरोग, नेत्ररोग, उल्टी, दस्त संबंधी मरीज थे। जिन्हें दवाएं और खानपान पौष्टिक रखने का सुझाव दिया गया। वहीं, 14 मरीजों को मेडिकल ट्रीटमेंट, सर्जरी, गायनी परामर्श के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया। ब्यूरो
स्वास्थ्य केंद्रों पर एलटी की कमी के चलते अटैचमेंट किया गया है। एलटी की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है, जल्द किल्लत दूर होने की उम्मीद है। दवाएं भरपूर हैं, अगर किसी केंद्र पर कम हैं तो वहां स्टॉक भिजवाया जाएगा। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ