बरेली। शहर में 45 हजार से अधिक कुत्ते हैं, पर इस साल अब तक सिर्फ 2800 की नसबंदी हुई है। इस पर 25.67 लाख रुपये खर्च हो गए, पर कुत्तों का आतंक बरकरार है। आए दिन कुत्ते शहरवासियों को जख्म दे रहे हैं। लोगों पर रैबीज का खतरा मंडरा रहा है।
नगर निगम की ओर से कुत्तों को पकड़ने के लिए किए गए इंतजाम नाकाफी हैं। 80 वार्ड के शहर में सिफ एक टीम लगाई गई है। कभी टीम के कर्मचारी छुट्टी पर चले जाते हैं तो उनके स्थान पर दूसरा नहीं लगाया जाता।
पार्षद गौरव सक्सेना ने बताया कि नगर निगम को सूचित करें तो कोई जरूरी नहीं है कि उसी दिन टीम आए। पार्षद शशि सक्सेना बताती हैं कि राजेंद्रनगर में सुबह-शाम टहलना मुश्किल है। कई लोग कुत्तों के काटने से घायल हो चुके हैं। ब्यूरो