बरेली। जंक्शन के सुंदरीकरण और विस्तार के फेर में एसी मेंटीनेंस शेड, वॉशिंग लाइन और कोच डिपो की क्षमता वृद्धि के काम भी अटक गए है। फिलहाल, यहां 18 कोच की वॉशिंग लाइन है। 26 कोच की वॉशिंग और सिक लाइन भी बनाई जानी है। प्लेटफाॅर्म नंबर एक की लंबाई बढ़ाने और प्लेटफाॅर्म नंबर दो में सुधार का काम भी शुरू नहीं हो पाया है। कोच डिपो में एलएचबी कोचों की मरम्मत की सुविधा शुरू होने में अभी वक्त लगेगा।
बरेली जंक्शन ए प्लस ग्रेड का स्टेशन है। अगले 50 वर्ष की जरूरतों के मुताबिक 350 करोड़ रुपये की लागत से इसका सुंदरीकरण और विस्तार होना है। प्लेटफाॅर्म की संख्या छह से बढ़ाकर 12 की जानी है। यह काम अब तक शुरू नहीं हो सका है। इस बीच बजट में यहां के लिए 10.12 करोड़ की लागत से एसी मेंटीनेंस शेड को भी मंजूरी मिल गई थी। सिक लाइन के पास तीन स्थानों पर जगह देखी गई, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ सका।
कोच डिपो की क्षमता सीमित होने के कारण कई बार ट्रेनों के खराब कोच बदलने को लेकर समस्या होती है। वॉशिंग लाइन 18 कोच की है, जबकि 20 से 24 कोच तक की ट्रेनों का संचालन यहां से होता है। ऐसे में इन ट्रेनों के मेंटीनेंस और सफाई में भी देरी होती है। इधर, प्लेटफाॅर्म नंबर दो मानक के अनुसार नहीं होने के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं। प्लेटफाॅर्म नंबर एक की लंबाई को भी 130 मीटर तक बढ़ाया जाना है। ये सभी काम लंबित हैं।
वर्जन
जंक्शन का सुंदरीकरण और विस्तार प्रस्तावित है। इसकी तैयारियां चल रही हैं। जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है। - राकेश सिंह, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक