जिलाधिकारी ने परिवार नियोजन एवं स्वास्थ्य कल्याण कार्यक्रम में दो महीने के दौरान नवाबगंज तहसील की स्थिति शून्य पाए जाने पर संविदा पर रखे गए दो स्वास्थ्य अधिकारियों, सीएचसी पर तैनात ब्लाक प्रोग्राम प्रबंधक विक्रम सिंह और ब्लाक कम्युनिटी प्रबंधक खुशबू अयाज को तत्काल प्रभाव से हटाने के आदेश कर दिए। यहां दो महीने से परिवार कल्याण, टीकाकरण तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य काम हुए ही नहीं हैं। मीरगंज और बहेड़ी में स्वास्थ्य सेवाओं की धीमी रफ्तार पर इनके संविदा अधिकारियों को चेतावनी दी गई है। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम पंकज यादव का जोर मरीजों की समय से बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने पर रहा। उन्होंने कहा कि डाक्टरों की मरीज के प्रति सहानुभूति हो क्योंकि यह सेवा व्यक्ति की जान - माल से जुड़ी है। वह यह भी जाने कि सरकारी अस्पताल, डाक्टर व स्टाफ के प्रति आमजन में क्या साख है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की गंभीर से गंभीर बीमारी का फ्री इलाज कराने की व्यवस्था है। अच्छे व नवीनतम उपकरण, सरकारी अस्पतालों में दिये गए हैं। अस्पताल में पर्याप्त दवाइयां हैं। प्राइवेट स्पेशलिस्ट डाक्टर को बुलाने का प्राविधान भी है। ऐसे डाक्टरों का पैनल बनाए और उनको रोस्टर के अनुसार गरीब मरीजों के उपचार के लिए जिला अस्पताल में समय और तारीख तय हों। जिससे कि इन सभी का आमजन को लाभ मिल सके। साथ में उन्हें दिखे कि सरकारी अस्पताल में मेरा पूरा इलाज हो रहा है। पोलियों उन्मूलन में 25 सितंबर को बूथ एक्टिविटी होगी। 26 से 30 सितंबर तक घर-घर छूटे बच्चों को पोलियों ड्राप पिलाई जाए। उन्होंने कहा कि विभाग से संबंधित कार्यों में पारदर्शिता लाने को एक लाख के ऊपर के कार्यों का अधिक प्रसार वाले अखबारों में टेंडर कराएं।बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 विजय यादव सहित चिकित्सा विभाग के अन्य अधिकारीगण एवं डाक्टर उपस्थित थे।