बरेली। सपा पदाधिकारियों की अंदरूनी खींचतान खत्म होने का नाम नहीं ले रही। एक विवाद खत्म नहीं होता, इससे पहले दूसरा शुरू हो जाता है। अब यह खींचतान लखनऊ तक पहुंच गई है। इसे खत्म करने के लिए अब महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह दिवाली के बाद बरेली आएंगी।
सितंबर के अंतिम सप्ताह में महिला सभा की जिलाध्यक्ष शांति सिंह को पद से हटाया गया था। इसके बाद वह लखनऊ में पार्टी के नेताओं से मिलीं और अपना पक्ष रखा। महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह ने 9 अक्तूबर को उन्हें राष्ट्रीय सचिव मनोनीत कर दिया। इससे जिलाध्यक्ष का खेमा नाखुश हो गया। उनके एक बयान को मुद्दा बनाकर महिला सभा की जिलाध्यक्ष स्मिता यादव ने शनिवार को शांति सिंह पर आरोप लगाए। नेतृत्व तक बयान का वीडियो भेजा।
शनिवार को ही देर शाम शांति सिंह को पद से हटाने की संस्तुति की गई, लेकिन इससे मामला शांत नहीं हुआ। महिला सभा राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल को पत्र भेज दिया है। इसमें शांति सिंह को पद मुक्त करने की संस्तुति की गई है। साथ ही विवाद निबटाने के लिए भी पार्टी नेतृत्व भी सक्रिय हो गया है।
लोकसभा चुनाव के पहले से चल रही खींचतान
लोकसभा चुनाव के पहले से यह खींचतान चल रही है। पार्टी मुखिया जब बरेली आए थे, तब शांति सिंह को मंच पर जाने का मौका नहीं मिला था। हेलिपैड पर मिलने के लिए भी पास नहीं मिला था। जिला कार्यालय की एक बैठक में उन्हें कुर्सी से उठा दिया गया था। इस पर शांति सिंह ने आपत्ति की तो वह जिलाध्यक्ष को अखर गया था। तभी से जिलाध्यक्ष और महिला जिलाध्यक्ष आमने-सामने थे।
कोट
मैंने ऐसी कोई बात नहीं कही, जो पार्टी या जिलाध्यक्ष के खिलाफ हो। मैंने सिर्फ उस हकीकत को साझा किया था, जो जिलाध्यक्ष पद पर रहते हुए मुझे झेलनी पड़ी। मेरे खिलाफ किसी के इशारे पर साजिश की गई। जब नेतृत्व को पूरी बात पता लगेगी तो सही निर्णय आएगा। - शांति सिंह, राष्ट्रीय सचिव
शांति सिंह ने अपने घर में महिलाओं को किटी पार्टी के बहाने बुलाया और फिर कह दिया कि पार्टी में महिलाओं का सम्मान नहीं है। जबकि, पार्टी ने उन्हें महिला सभा की जिलाध्यक्ष पद से हटाने के बाद राष्ट्रीय सचिव बनाया। उन्होंने बड़े पद की गरिमा नहीं रखी। - स्मिता यादव, जिलाध्यक्ष, महिला सभा
दिवाली के बाद मैं खुद बरेली आऊंगी। सभी पक्षों से बात करके उचित समाधान कराऊंगी। फिलहाल के हालात देखकर शांति सिंह को पद से हटाने की संस्तुति की है। अब हटाने का निर्णय प्रदेश अध्यक्ष को ही लेना है। - जूही सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष, सपा महिला सभा
मैं खुद कुछ नहीं कहना चाहता। जो महिलाओँ ने महसूस किया, उसके लिए वे प्रेसवार्ता कर चुकी हैं। नेतृत्व अब अपने आप फैसला लेगा। - शिवचरन कश्यप, जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी