बरेली। लोक निर्माण विभाग में बड़ा काम हथियाने के लिए एमबी कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स ने 83.33 लाख रुपये के वार्षिक टर्नओवर को बढ़ाकर 833 लाख दर्शा दिया। शिकायत के बाद अधीक्षण अभियंता ने प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। दो दिन में जांच पूरी होगी। आरोप पुष्ट होने पर टेंडर निरस्त भी हो सकते हैं।
मंडलीय कांट्रैक्टर्स एसोसिएशन ने आठ दिसंबर को अधीक्षण अभियंता को पत्र देकर एमबी कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स के खिलाफ शिकायत की थी। इसमें आरोप लगाया गया कि टर्न ओवर गलत दर्ज किए जाने से पात्र ठेकेदार वंचित हो रहे हैं। ऐसे में इस फर्म के टेंडर निरस्त करने के साथ उचित कार्रवाई की जाए। इस फर्म ने पहले भी जो टेंडर लिए हैं, उनकी जांच कराई जाए। अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि जांच के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित ठेकेदार ने इसे लिपिकीय त्रुटि बताया है। अब क्या कार्रवाई की जा सकती है, इसका परीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद कार्रवाई होगी।
टेक्निकल बिड खुलते ही खुला खेल
लोक निर्माण विभाग की ओर से पांच दिसंबर को टेंडर निकाले गए थे। टेक्निकल बिड खुली तो प्रहरी पोर्टल पर ठेकेदारों ने पूरा विवरण देखा तो वित्तीय क्षमता अधिक दर्शाए जाने का खेल खुला।
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मेरा 2022-23 का वार्षिक टर्न ओवर 83.33 लाख था, जिसे साइबर कैफे से फीडिंग कराई तो उसने 833 लाख भर दिया गया। मेरे व्यावसायिक प्रतिद्वंद्वियों ने इसकी शिकायत कर दी। जांच में मैंने स्थिति स्पष्ट कर दी है। फर्म के अभिलेख सही हैं। अधिकारी उचित निर्णय लेंगे, इसका मुझे पूरा भरोसा है। -वकील खान, एमबी कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स