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Bareilly News: रिंग रोड के समानांतर गुजरेंगी तीसरी-चौथी रेल लाइनें, दिल्ली-गुवाहटी कॉरिडोर का बनेंगी हिस्सा

Sat, 03 Oct 2026 12:54 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। गाजियाबाद-सीतापुर के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना पर काम तेज हो गया है। फाइनल लोकेशन सर्वे के बाद तय हो गया है कि बरेली में ये दोनों लाइनें झुमका तिराहा-रजऊ परसपुर रिंग रोड के समानांतर गुजरेंगी। नई लाइनें सीबीगंज, बरेली जंक्शन और कैंट स्टेशन को बाइपास करेंगी। परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र से टिसुआ के बीच नई पटरियां बिछाई जाएंगी। न्यू बरेली जंक्शन नाम से नए रेलवे स्टेशन के लिए रामगंगा के आसपास संभावनाएं तलाश की जा रही हैं।
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केंद्र सरकार ने अप्रैल में 14,926 करोड़ रुपये की लागत से गाजियाबाद-सीतापुर के बीच 403 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेलवे लाइन परियोजना को मंजूरी दी थी। इस परियोजना में कुल 859 किलोमीटर ट्रैक बिछाया जाना है। यह दिल्ली-गुवाहाटी हाई डेंसिटी नेटवर्क का हिस्सा है। दरअसल, गाजियाबाद-मुरादाबाद-बरेली-रोजा के बीच मौजूदा लाइन का इस्तेमाल क्षमता से कहीं ज्यादा 168 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। रामगंगा के पास न्यू बरेली जंक्शन स्टेशन बनने से यहां बरेली-चंदौसी-अलीगढ़ और बरेली-कासगंज-मथुरा रेल लाइनों को भी कनेक्टिविटी मिल जाएगी।
स्थानीय रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे और नक्शे का काम पूरा होने के बाद रिपोर्ट मंडल मुख्यालय भेज दी गई है। तीसरी और चौथी लाइन परसाखेड़ा से रिंग रोड के समानांतर होने से औद्योगिक क्षेत्र में आने वाले कच्चे माल और उत्पादों को भी एक से दूसरी जगह भेजना आसान होगा। वर्ष 2031 तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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शहर को मिलेगा नया रेल गलियारा, औद्योगिक विकास की बढ़ेगी रफ्तार
बरेली के दिल्ली-गुवाहाटी हाई डेंसिटी नेटवर्क का हिस्सा बनने के बाद इसका असर केवल ट्रेनों की आवाजाही तक सीमित नहीं रहेगा। परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र, रिंग रोड, रामगंगा क्षेत्र और शहर के बाहरी हिस्सों के बीच नया रेल संपर्क विकसित होने से भविष्य के औद्योगिक और शहरी विस्तार के लिए नया परिवहन ढांचा तैयार होगा। इस परियोजना में बरेली जंक्शन के अलावा हापुड़, मुरादाबाद, रामपुर, शाहजहांपुर और सीतापुर के स्टेशनों को भी बाइपास किया जाएगा।
भिटौरा में कंटेनर डिपो का काम शुरू, स्टेशन पर बढ़ेंगी सुविधाएं
तीसरी और चौथी रेल लाइन परसाखेड़ा से भिटौरा होते हुए गुजरेगी। भिटौरा स्टेशन पर कंटेनर डिपो का काम शुरू हो चुका है। यहां फुटओवर ब्रिज व अन्य यात्री सुविधाओं का विकास भी प्रस्तावित है। नई लाइन पूरी तरह शहर से बाहर होने का सबसे बड़ा लाभ औद्योगिक क्षेत्र को होगा। जंक्शन पर ट्रेनों का दबाव भी कम होगा। 29.20 किलोमीटर लंबी रिंग रोड का निर्माण तेजी से चल रहा है।
भूमि अधिग्रहण में खर्च होगा कम बजट
परसाखेड़ा से टिसुआ तक आने वाले रूट पर बहुतायत में सरकारी जमीनें हैं। रामगंगा के आसपास भी सिंचाई विभाग, एनएचएआई, सेना और ग्राम पंचायतों की जमीनें हैं। ऐसे में इस रूट पर नई रेल लाइन बिछाने के लिए भूमि अधिग्रहण पर ज्यादा बजट खर्च नहीं करना होगा। दूसरी वजह यह भी है कि यहां बरेली होकर गुजरने वाली सभी रेल लाइनों और रिंग रोड को भी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। रामगंगा से बमुश्किल 20 किलोमीटर पर भमोरा में औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार भी प्रस्तावित है।
वर्जन
गाजियाबाद-सीतापुर के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। सर्वे लगभग पूरा हो गया है। इसके बाद भूमि अधिग्रहण होना है। नई लाइनें परसाखेड़ा से रिंग रोड के समानांतर गुजरेंगी। - महेश यादव, सीनियर डीसीएम, मुरादाबाद मंडल
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