बहेड़ी। केसर चीनी मिल प्रबंधन के द्वारा नगर पालिका पर झूठ बोलने का आरोप लगाने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष रश्मि जायसवाल के पति अजय जायसवाल ने मोर्चा संभाल लिया है।
उन्होंने दावा किया है कि नगर पालिका के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी ने नियमों को ताक पर रखकर चीनी मिल को एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी की थी, जिसके बाद शॉपिंग कॉम्पलेक्स बनाने का काम किया गया। अब इसे खारिज व निष्प्रभावी करने की प्रक्रिया चल रही है। तत्कालीन अधिशासी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन और डीएम को पत्र लिखकर भेजा जाएगा।
दरअसल, केसर चीनी मिल के सीईओ शरद मिश्रा ने नगर पालिका पर झूठ बोलने का आरोप लगाया था। नगर पालिका, पीडब्ल्यूडी, फायर सर्विस आदि से एनओसी दिए जाने की बात कही थी। इसके जवाब में नगर पालिका के अध्यक्ष के पति अजय जायसवाल ने कहा कि नगर पालिका के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह ने पिछले साल दस जुलाई को केसर चीनी मिल के आवेदन पर खामोशी के साथ एनओसी जारी की थी। नगर पालिका के सभासद जलीस आजाद आदि ने आईजीआरएस पोर्टल पर केसर चीनी मिल द्वारा नैनीताल रोड पर शॉपिंग काॅम्पलेक्स बनाए जाने की शिकायत की थी, जिसका नामांतरण और मानचित्र नगर पालिका द्वारा जारी करने को लेकर सूचना मांगी थी। संवाद
इस मामले में चल रहा था वाद, ऐसे हुआ खेल
इसका जवाब देते हुए पिछले साल चार नवंबर को तत्कालीन अधिशासी अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि यह जगह विवादित है। चीनी मिल और दूसरे पक्ष के बीच मालिकाना हक को लेकर विवाद न्यायालय में चल रहा है।
उन्होंने जवाब में लिखा कि इन जमीनों में नगर पालिका नामांतरण और मानचित्र जारी नहीं कर सकती। क्योंकि सिविल कोर्ट में वाद जारी है। बावजूद इसके उन्होंने खामोशी के साथ चीनी मिल को एनओसी दे दी। दी गई एनओसी में यह साफ बताया गया है कि प्रार्थी द्वारा कोई भी तथ्य छुपाया जाता है या मिथ्या पाया जाता है तो भवन निर्माण के लिए दी गई एनओसी निष्प्रभावी मानी जाएगी।
पालिका अध्यक्ष के पति ने कहा कि चीनी मिल झूठ पर झूठ बोला है। लगातार तथ्य छुपाए हैं। लिहाजा इस अनापत्ति को निष्प्रभावी करने के लिए एक कमेटी बनाई गई थी। कमेटी के प्रत्येक सदस्य ने इसे निष्प्रभावी करने की अनुमति दे दी है। अब अंतिम नोटिस के साथ चीनी मिल के शॉपिंग कॉम्पलेक्स पर कार्रवाई होनी तय है। उन्होंने आरोप लगाया कि चीनी मिल प्रबंधन किसानों का भुगतान नहीं कर रहा है। यही नहीं अपने कर्मचारियों को भी महीने की पगार नहीं दे पा रहा है।
मुझसे पहले जो अधिशासी अधिकारी थे। उन्होंने केसर चीनी मिल को एनओसी शर्तों पर जारी की थी। चीनी मिल ने कई तथ्यों को छुपाया है। एनओसी निष्प्रभावी करने के साथ अंतिम नोटिस देकर इस शॉपिंग कांप्लेक्स पर कार्रवाई तो होगी ही। चीनी मिल की कोई दलील नहीं सुनी जाएगी।
- शशि प्रभा चौधरी, अधिशासी अधिकारी
केसर चीनी मिल प्रबंधन को नगर पालिका द्वारा एनओसी दी गई थी। लगातार एक साजिश के तहत चीनी मिल को परेशान किया जा रहा है। चीनी मिल ने न तो कोई तथ्य छुपाया है न ही इसमें कोई मिथ्या है। तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश व विभिन्न विभागों से अनापत्ति मिलने के बाद इस भवन को बनाया है।
- शरद मिश्रा, सीईओ, केसर चीनी मिल